खेड़ी तलौडा गांव में पांच दिन पहले नवनिर्वाचित सरपंच राकेश यादव की हत्या के आरोपियों को बचाने में सफीदों के निर्दलीय विधायक जसबीर देशवाल का सामने आया था।
इसी मामले में अपना पक्ष रखने के लिए शनिवार शाम विधायक खुद मीडिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने पूरी घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के साथ सहानुभूति जताई।
देशवाल ने कहा कि कोई भी सभ्य समाज इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह घटना न तो उनके हलके की है और न ही आरोपी और पीड़ित उनके समर्थक हैं। चुनाव के दौरान वे स्वयं राज्य से बाहर थे। उनकी मांग है कि सरकार और प्रशासन इस घटना की जांच तेजी से करे और गुनाहगारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
देशवाल ने कहा कि पीड़ित परिवार को जहां भी उनके सहयोग की जरूरत होगी, वे उनके साथ सदैव खड़े हैं। साथ ही विधायक ने पीड़ित परिवार से अपील की कि वे बिना किसी आधार व तथ्यों के उनका नाम इस मामले में नहीं लें। इस मामले में उनका नाम घसीटकर छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
पिता की हार बर्दाश्त नहीं कर पाया विजय
मामले के मुख्य आरोपी और गांव में हारे हुए उम्मीदवार सतबीर सिंह के बेटे विजय ने पुलिस को बताया है कि उनकी परिवार के साथ कोई रंजिश नहीं थी।
बस चुनाव में मिली हार के कारण ही उसने नवनिर्वाचित सरपंच को गोली मार दी। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस हारे हुए सरपंच पद के उम्मीदवार सतबीर, उसके भाई रामनिवास और बेटे विजय को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी इस मामले में एक आरोपी उम्मीदवार का भाई जगजीवन फरार है।
एसएसपी अभिषेक जोरवाल के अनुसार पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अभी कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है। विजय ने इतना ही बताया है कि पिता की हार होने के कारण यह घटना हुई है। विजय और उसके पिता सतबीर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं।
गांव में सामान्य होने के लगे हालात
दो दिन पहले तक जहां गांव में तनाव का महौला था, अब वह सामान्य होने लगा है। बेशक आरोपी पक्ष के लोग घर पर नहीं आए हैं, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस गांव में तैनात है।