जिला परिवेदना समिति की अध्यक्षता करने शुक्रवार को जींद पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज दबंग की भूमिका में नजर आए। मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को साफ शब्दों में दो टूक कहा कि लोगों को बेवजह परेशान करने वाले अधिकारियों को वे माफ नहीं करेंगे।
मंत्री ने अपने परिचय में ही कहा कि काम नहीं करने के तरीके ढूंढने वाले और झूठ बोलने वाले अधिकारी कर्मचारी उन्हें पसंद नहीं हैं। जिला परिवदेना समिति के समक्ष रखी गई 15 में से दो शिकायतों में उन्होंने एफआईआर करने के आदेश दिए। कई अन्य शिकायतों में जांच के आदेश दिए हैं। इस दौरान मंत्री ने कहा के महीने के पहले शुक्रवार को जिला परिवेदना समिति की बैठक होगी।
बैठक में रखी गई पहली शिकायत में रोहतक रोड के लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क के दोनों ओर नाले तो बने, लेकिन इससे पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे सड़क पर पानी भरा रहता है। इस पर मंत्री अनिल विज ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बुलाकर पूछा कि नाले पानी भरने के लिए बनाए हैं या निकासी के लिए। मंत्री ने स्वयं सवाल उठाया कि क्या नाले डिस्पोजल से जोड़े गए हैं। मंत्री ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के साथ कुछ न कुछ गड़बड़ है।
डीएसपी से नहीं बन पड़ जवाब
कैथल रोड निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसके बेटे का 2013 में अपहरण हो गया था, लेकिन शव रामराये गांव के पास बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने बिना पहचान कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। व्यक्ति का आरोप है कि अभी तक एक आरोपी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इस पर मंत्री ने पुलिस से पूछा कि पुलिस ने अपहृत लड़के को ढूंढने के लिए शव की पहचान कराने के लिए और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए क्या किया। इस पर एसएसपी को जांच कर अगली मीटिंग में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। मंत्री ने पूछा कि अपहरण के जांच अधिकारी ने क्या किया, इसकी जांच की जाए।
नहीं मिला मनरेगा के लिए बजट
मोरखी गांव के मनरेगा मजदूरों ने आरोप लगाया कि पिछले साल उन्होंने 33 दिन काम किया, लेकिन उन्हें महज 11 दिन के पैसे मिले। इस पर एडीसी आमना तास्नीम ने जवाब दिया कि इसके लिए बजट नहीं है। मंत्री ने मजदूरों को आश्वासन दिलाया कि जल्द ही बजट आ जाएगा।
एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के आदेश
नरवाना के पटेलनगर निवासी कृष्ण कुमार की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने बिजली कनेक्शन के लिए निगम के जेई पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। इस पर नरवाना के एसडीएम बीर सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र देकर रिश्वत नहीं मांगने की बात मानी है। ऐसे में मंत्री ने कहा कि इस मामले में एफआईआर की जाए। यदि शिकायतकर्ता ने झूठी शिकायत दी है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
डीएफएससी को मंत्री की खरी-खरी
शिकायत के दौरान सफीदों के वार्ड नंबर सात निवासी लोगों ने राशन डिपो होल्डर पर राशन नहीं देने का आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि उन्होंने राशन वितरण से संबंधित जानकारी आरटीआई से मांगी थी। इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने 3300 रुपये फीस के लिए भी जमा कराए, लेकिन बाद में जवाब दिया कि रिकार्ड मौजूद नहीं है। इस पर मंत्री विज गुस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि फीस जमा कराने के बाद रिकार्ड गायब हुआ है तो यह साफ है कि हेराफेरी हुई है। उन्होंने डीएफएससी अशोक कुमार से पूछा कि डिपो होल्डर को क्यों बचाना चाहते हो। उन्होंने पूछा कि रिकार्ड गायब होने की एफआईआर हुई क्या। इस पर जवाब नहीं में मिला। मंत्री ने कहा कि 'मैं लिफाफा देखकर मजबून समझ जाता हूं। इस मामले में उन्होंने एडीसी को जांच सौंपी।
सहकारी बैंक की होगी जांच
बधाना निवासी सतीश ने शिकायत में कहा कि उससे किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन देने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। इस पर को-ऑपरेटिव सोसायटी के अधिकारी ने कहा कि सतीश डिफाल्टर है। ऐसे में सतीश ने अपनी पासबुक पेश करते हुए कहा कि उसने सारा लेनदेन समय पर किया है। इस पर मंत्री ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जाएगी कि क्या समिति ने डिफाल्टर होने पर सिर्फ सतीश का कर्ज रोका है। यदि अन्य किसी किसान को कर्ज दिया मिला तो कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
डीसी साहब कार्रवाई नहीं मिली तो निलंबित कर देना
बिश्नपुरा गांव निवासी तालेराम ने आरोप लगाया कि गांव में अवैध कब्जे होने की सूचना के बावजूद खंड विकास एवं पंचायत विकास अधिकारी जींद ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर बीडीपीओ ने सफाई दी कि अतिक्रमण हटा दिया गया है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने कहा कि मौका देखा जा सकता है। फिलहाल भी अतिक्रमण है। ऐसे में मंत्री ने परिवेदना समिति के पांच सदस्य और एडीसी को मौका देखने को कहा। उन्होंने डीसी विनय सिंह को कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटा मिले तो बीडीपीओ को निलंबित कर देना।
पानी दिल्ली पहुंचा दो
जिस समय रोहतक रोड के नालों पर चर्चा चल रही थी। चुटकी लेते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि पानी दिल्ली भिजवा दो। वहां पानी की वैसे भी कमी है।
शिकायत देने के लिए हुई धक्कामुक्की
जिला कष्ट निवारण समिति में दर्ज शिकायतों की सुनवाई के बाद शिकायतें देने वालों की भीड़ उमड़ी। इसमें धक्का मुक्की भी हुई। यहां तक कि डीसी विनय सिंह को स्वयं उठकर लोगों को लाइन बनाने को कहना पड़ा। इस दौरान करीब दो दर्जन लोगों ने शिकायतें दी।
पुलिस पर परेशान करने का आरोप
फैरण गांव के लोग भी मीटिंग के बाद मंत्री अनिल विज से मिले। इन लोगों ने कहा कि होली के मौके पर बच्चों का झगड़ा हो गया था। इस मामले में पुलिस एक तरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें परेशान कर रही है। मंत्री ने अधिकारियों को मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं
पंचकर्म केंद्र शुरू
स्वास्थ्य मंत्री ने सेक्टर आठ स्थित पॉली क्लीनिक में पंचकर्म केंद्र का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा केंद्र में सेरीव्रल पालिसी भी एडोप्ट की गई है। इस पालिसी के तहत दिमागी व शारीरिक रूप से कमजोर मरीजों के इलाज के लिए विशेष सुविधाएं जुटाई गई हैं। उन्होंने पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इस पद्धति में रोगों का इलाज वमन, विरेचन, अनुवासन वस्ती, आस्पवन वस्ती, नस्य इन पांच विधियों द्वारा सभी प्रकार के रोगों का इलाज किया जाता है।