नगरपरिषद जींद की चेयरपर्सन पूनम सैनी पर विकास कार्यों की अनदेखी तथा चहेतों को टेंडर देने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए आधा दर्जन पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है। साथ ही इन पार्षदों के साथ करीब आधा दर्जन अन्य पार्षदों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पार्षदों का कहना है कि चार अगस्त को नगर परिषद में सफाई के लिए टेंडर खुल गए, लेकिन अभी तक काम अलॉट नहीं हुआ है। ऐसे में साफ है कि चेयरपर्सन अपने चहेतों को टेंडर देना चाहती हैं।
सफीदों रोड पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्षद प्रवीण बेनिवाल, संतोष बेनीवाल, सुमेर पहलवान, सुभाष जांगड़ा सहित अन्य पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद चेयरपर्सन के पति और भाजपा के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी परिषद के कामकाज में दखलंदाजी कर रहे हैं। प्रवीण बेनीवाल तथा दूसरे पार्षदों ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर परिषद की चेयरपर्सन लोगों को विकास के झूठे सपने दिखा रही हैं। चेयरपर्सन अखबारों में बयान देकर अभी टेंडर खुलने की बात कह रही हैं, जबकि टेंडर चार अगस्त को खुल चुके हैं।
टेंडर पर उठाए सवाल
पार्षद प्रवीन बेनिवाल ने कहा कि नगर परिषद ने एक अगस्त तक ई-टेंडरिंग से सफाई के लिए निविदाएं मांगी थी। इसके तहत सबसे कम निविदा एक फर्म ने सात लाख 45 हजार रुपये की दी है। नियमानुसार इस फर्म को काम अलॉट होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि टेंडर दो अगस्त को खुलने थे, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर पार्षदों के दबाव के बाद चार अगस्त को टेंडर खोले गए। टेंडर खुलने के 16 दिन बार भी संबंधित फर्म को काम अलॉट नहीं किया गया है। बेनिवाल के अनुसार इससे साफ है कि चेयरपर्सन अपने चहेतों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं। गौरतलब है कि पिछले ठेकेदार का सफाई का टेंडर पिछले माह समाप्त हो चुका है।
काम शुरू नहीं हुआ
बेनिवाल ने कहा कि शहर का कचरा डालने के लिए नगरपरिषद को जगह का चयन करना है। इसके लिए तीन करोड़ रुपये नगर परिषद के खाते में भी आ चुके हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। ऐेसे में यह सरकार के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।
चेयरपर्सन के पति पर भी निशाना
पार्षदों ने कहा कि चेयरपर्सन और उनके पति जवाहर सैनी अपनी गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाकर घूम रहे हैं। साथ ही करीब आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों पर चेयरमैन लिखवाया गया है। चेयरपर्सन के पति जवाहर सैनी परिषद में उनकी जगह काम करते हैं। नगर परिषद के हाल में पार्षदों के अलावा किसी को भी बैठने की इजाजत नहीं है। ऐसे में नगर परिषद अध्यक्षा और उनके पति जवाहर सैनी नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों की बैठक भी ले रहे हैं।
अधिकारियों और सीएम विंडो में होगी शिकायत
पार्षदों ने कहा कि इस मामले की शिकायत डीसी और सीएम विंडो में की जाएगी। इसके बाद भी यदि बात नहीं बनी तो पार्षद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। साथ ही गाड़ियों पर बत्ती लगाने की शिकायत पुलिस को की जाएगी।
सभी आरोप निराधार
विरोधी झूठे आरोप लगा रहे हैं। सफाई के काम के टेंडर में कोई शक है, तो विरोधी उनके उस चहेते का नाम उजागर कर दें। नगरपरिषद में उनकी जगह उनके पति के काम करने की बात है, तो इसमें कोई सच्चाई नहीं है। वह खुद नगरपरिषद की बैठक लेती हैं और सारी कार्रवाई खुद करती हैं। पार्षद प्रवीण बेनीवाल आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांक लें।
प्रवीण बेनीवाल की मां वार्ड 20 से पार्षद हैं। वे आज तक उनके पास कोई काम लेकर नहीं आई हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन पार्षद प्रवीण बेनीवाल और उनकी मां को पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए बुलाया गया था, लेकिन दोनों में से कोई नहीं पहुंचा। महिला थाने की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पार्षद प्रवीण बेनीवाल की मां संतोष को बुलाया गया था, लेकिन इस कार्यक्रम में संतोष खुद नहीं पहुंची। शहर में विकास कार्य समान रूप से करवाए जाएंगे। सफाई के काम का ठेका जल्द जारी कर दिया जाएगा।
पूनम सैनी, चेयरपर्सन, नगरपरिषद