लघु सचिवालय में लगे खुले दरबार में मंगलवार को उस समय सन्नाटा छा गया, जब एक वृद्धा ने अधिकारियों के सामने पेश होकर कहा कि साहब वह जिंदा है, लेकिन उसे मृत घोषित करके उसकी बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी गई। बुढ़ापा पेंशन बंद होने से उसे काफी दिक्कतें आ रही हैं।
चार बच्चों की दादी लौन गांव की भूला देवी पिछले कई माह से अपने जिंदा होने का दावा कर रही है, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल रही। समाज कल्याण विभाग ने भूलादेवी को 23 फरवरी को मृत घोषित कर दिया। खुले दरबार में भी अधिकारियों ने फिर उसे जांच का आश्वासन दे दिया।
भूलादेवी ने बताया कि उसे हरियाणा सरकार की स्कीम के तहत बुढ़ापा पेंशन मिल रही थी, जो अचानक फरवरी माह में बंद हो गई। बार-बार चक्कर लगाने के बाद उसे बताया कि वह मर चुकी है। पेंशन नहीं मिलने के कारण उसे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भूला देवी के साथ आए समाजसेवी जसबीर लौन ने बताया कि अगर संबंधित विभाग पेंशनरों की जांच करे, तो बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं। उन्होंने गांवों में मृत लोगों की पिछले कई सालों से पेंशन आने का दावा किया।
जिंदा को मृत दिखाना अपराध
जिंदा पेंशन धारक को मृत घोषित करना अपराध है। वृद्धा की जल्दी पेंशन चालू करवा दी जाएगी और मृत कैसे दिखाया गया, इसकी जांच करवाई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीर सिंह, एसडीएम नरवाना
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