ढाठरथ गांव में मंगलवार को पशु पालन गोष्ठी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर ढाठरथ गांव के पास बनी वशिष्ठ डेयरी फार्म में आयोजित हुआ। शिविर में आसपास के गांवों के सैकड़ों पशुपालकों ने भाग लिया। शिविर में मुख्यातिथि के रूप में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति मेजर जनरल डॉ. शशिकांत ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. रविंद्र शर्मा निदेशक अनुसंधान, डॉ. एसआर गर्ग निदेशक विस्तार शिक्षा और डॉ. रमेश कुमार वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक ने शिरकत की। इस दौरान ग्रामीणों ने कुलपति का स्वागत किया। डॉ. शशिकांत ने कहा कि पशु पालन में बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर हैं। आजकल प्रत्येक युवा को सरकारी नौकरी मिलनी आसान नहीं है। इसलिए युवा पशुपालन विभाग की डेयरी से प्रशिक्षण लेकर डेयरी फार्म खोल सकते हैं।
पशु पालन में महिलाओं को आगे लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। करनाल में महिलाएं भी पशु पालन के साथ-साथ पनीर और घी बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों और पशुपालकों की आय को दोगुना देखना चाहते हैं। पशु वैज्ञानिक डॉ. रमेश ने कहा कि पशु पालकों को अच्छी नस्ल के पशुओं में भैंस में मुर्राह नस्ल और गाय में साहीवाल जैसे पशुओं को पालना चाहिए। अच्छी नस्ल के पशुओं से ही ज्यादा दूध प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे पशुओं को पालने से ही हम अच्छी आमदनी कर सकते हैं। इस अवसर पर वशिष्ठ डेयरी फार्म के संचालक शिवचरण, डॉ. बलबीर श्योकंद सिरसा, डॉ. राजेंद्र श्योकंद कैथल, डॉ. अभय यादव रिवाड़ी और डॉ. धर्मबीर दहिया मौजूद रहे।