धरने पर नारेबाजी करती महिलाएं।
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पिछले 23 दिन जारी जाट आरक्षण आंदोलन के धरने पर सोमवार को पानीपत में जाटों और सरकार के बीच हुई बातचीत को लेकर काफी बेचैनी रही। हालांकि बातचीत का समय दोपहर बाद दो बजे का था, लेकिन सुबह से ही लोग इसको लेकर काफी उत्सुक नजर जाए। जाट नेताओं ने बताया कि दो मार्च को होने वाले दिल्ली कूच की तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार अब तक 2100 ट्रैक्टर-ट्रालियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं दिल्ली कूच में बैलगाड़ियों को भी शामिल किया जाएगा। जाट नेताओं ने आह्वान कि लोग अपने-अपने गांवों से चंदा कर ट्रैक्टर के लिए तेल का इंतजाम करें।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार जब बड़ौदा के लोग ईक्कस धरने पर पहुंचे थे, उस समय बिजली कर्मचरियों ने एक मोहल्ले में कई लोगों के बिजली के तार हटा दी। इस पर उन्होंने प्रशासन को तार दोबारा लगाने की चेतावनी दी। इसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के लोगों ने अधिकारियों से बातचीत कर तार दोबारा लगवाने का आश्वासन दिया।
आरक्षण मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन : फौर
धरने पर पहुंचे माजरा खाप के महासचिव समुंद्र सिंह फौर ने कहा कि जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता, आंदोलन शांतिपूर्ण जारी रहेगा। फौर ने कहा कि कुछ नेता अब भी सरकार के इशारे पर अब भी 35 बिरादरी की अलग से पार्टी बनाने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 36 बिरादरी ऐसे लोगों को गांवों भी नहीं घुसने देगी।