तीन दिन की बैंकों की छुट्टी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बैंक बंद हैं और एटीएम कैशलेस। ऐसे में लोगों के जरूरी काम रुक गए हैं और घर के राशन की पूर्ति भी अब उधार पर हो रही है। वहीं, कैश की लगातार चल रही दिक्कत से उबरने के लिए दुकानदारों ने भी अब कैशलेस लेनदेन शुरू कर दिया है। मार्केट में करीब 30 प्रतिशत रिटेल दुकानदार पेटीएम से भुगतान करवा रहे हैं।
यूं तो जिले में पहले से ही नकदी का भारी संकट चल रहा था, लेकिन बैंकों की तीन दिन की छुट्टियों ने कैश की निकासी पर पूर्ण रूप से ब्रेक लगा दिए हैं। सोमवार को जींद शहर में न तो कोई एटीएम खुला और न ही बैंक। इस कारण लोग कैश के लिए भटकते रहे। हालांकि अब बाजार में कैशलेस लेनदेन शुरू हो गया है, लेकिन काफी दुकानदार और ग्राहक अभी भी इस व्यवस्था को नहीं अपना सके हैं। जिला में नोट बंदी से पहले प्रतिदिन 200 करोड़ रुपये का लेनदेन होता था, जो सोमवार को पूरी तरह बंद रहा। जिले में अब बैंकों के पास प्रतिदिन एक से दो करोड़ रुपये का ही कैश पहुंच रहा है, लेकिन सोमवार को वह भी नहीं मिला।
नहीं हो रही सेल
बैंक और एटीएम खुलने से लोगों के पास कुछ पैसे आ जाते थे। इससे मार्केट में कुछ काम हो जाता था, लेकिन तीन दिन से बैंक बंद होने के कारण कोई काम नहीं है। अब तो दुकान पर बोहनी करना भी मुश्किल हो गया है।
विवेक कुमार, व्यापारी
पेटीएम ने संभाला व्यापार
हालांकि व्यापार पहले की तरह नहीं है, लेकिन पेटीएम की सुविधा से कुछ ग्राहक भुगतान कर रहे हैं। युवा वर्ग इसका प्रयोग कर रहा है। धीरे-धीर अब ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। छोटा सामान कैश लेस बिक रहा है।
अमर अरोड़ा, व्यापारी
एक क्लिक से हो जाता है भुगतान
मैंने 300 रुपये से अधिक का सामान खरीदा है, लेकिन पैसे की दिक्कत होने के कारण अब कैशलेस भुगतान किया है। मैंने पेटीएम से भुगतान किया है। इसके अलावा फोन का बिल व अन्य काम भी अब ऑनलाइन भुगतान से ही किए जा रहे हैं। इससे काफी सुविधा मिल रही है।
पूजा, ग्राहक।
आज खुलेंगे बैंक, कैश की उम्मीद
तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक खुल रहे हैं। इससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एलडीएम एमके झा के अनुसार पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है, फिर भी छुट्टी से हो रही परेशानी से लोगों को राहत मिलेगी।
पीओएस मशीन का इंतजार हुआ लंबा
शहर में कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए सैकड़ों व्यापारियों ने प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन का प्रार्थना पत्र बैंकों को दिया है, लेकिन अभी तक किसी को भी मशीन नहीं मिली हैं। रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के सचिव सुनील वशिष्ठ के अनुसार पीओएस मशीन से मिलने से व्यापार चल सकता है, लेकिन मशीन मिल नहीं रही है।