धरने पर नारेबाजी करती महिलाएं।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का ईक्कस गांव में चल रहा धरना आज 13वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता बुआना गांव के जांगड़ा समाज के महेंद्र सिंह जांगड़ा ने की। उन्होंने कहा कि हमारा समाज जाटों के धरने का पूरा समर्थन करता है। इस दौरान जिला प्रधान वीरभान ढुल ने कहा कि जब समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर से देशद्रोह का मुकदमा वापस हो चुका है, फिर भी इस मामले पर अधिकारी बयान दे रहे हैं।
ढुल ने कहा कि सरकार ने यशपाल मलिक के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की कोशिश की तो समाज के लोग आंदोलन करेंगे। कुछ लोग इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं जो निंदनीय है। वहीं, समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. दलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए ऐसे अधिकारियों की कमेटी बनाई, जिनमें से कई को तो अनुभव ही नहीं है। ऐसे अधिकारियों से समिति के साधारण कार्यकर्ता ही बात कर सकते हैं। यदि मुख्यमंत्री या मंत्री बात करें तो प्रदेश कमेटी बात कर सकती है।
प्रशासन से करेंगे बात
प्रशासन और सरकार ने उन्हें यशपाल मलिक के खिलाफ देशद्रोह का केस रद्द करने की सूचना दी थी। अब एसएसपी इसमें जांच की बात कह रहे हैं। इस बारे में प्रशासन से बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की योजना बनेगी।
वीरभान ढुल, जिलाध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
जिप के उप प्रधान ने अपने पार्षदों के साथ दिया समर्थन
धरने पर जींद जिला परिषद के उप प्रधान उमेद सिंह रेढू भी पहुंचे। उन्होंने सरकार से आह्वान किया कि समिति की सभी मांगों को माना जाए। इस दौरान कई छोटे बच्चों ने कविताओं और भाषणों के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा। बच्चों की कविताओं पर लोगों ने खूब तालियां बजाई और ठहाके लगाए।