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शहर में रही शांति, माहौल में रहा तनाव

Mon, 22 Feb 2016 11:35 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 पिछले तीन दिनों से जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से आम जनजीवन प्रभावित चल रहा है। हालांकि सोमवार को बाकी दिनों की तुलना में स्थिति सामान्य रही। लेकिन अभी तक बस और रेल का परिचालन शुरू नहीं हुआ है। कुछ मार्गों से जाम हटने के बावजूद रोडवेज द्वारा बसों का परिचालन शुरू नहीं हो पाया। स्थिति के सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं रेल सेवा के दोबारा शुरू होने में काफी समय लग सकता है।

उचाना और जुलाना में रेलवे स्टेशनों पर तोड़फोड़ व आगजनी की घटना से काफी नुकसान हुआ है। दोनों रेलवे स्टेशन पर इंटर लाकिंग फेल हुई है, जिससे पैसेंजर गाड़ी के परिचालन में समय लग सकता है। देर शाम पौली गांव पास लोगों ने जेसीबी से रोहतक रोड को खोद दिया सूचना मिलते ही सेना मौके पर पहुंची।
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बेशक शहर में शांति है, लेकिन तनाव बरकरार है। आरक्षण की लड़ाई अब जातीय हिंसा का रंग ले चुकी है, इसके चलते सोमवार को कुछ लोगों ने देवीलाल चौक स्थित पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की प्रतिमा को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन शहर के व्यापारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। वहीं मौके पर मौजूद पुलिस ने कुछ लोगों को खदेड़ दिया। दिन में व्यापारियों ने मीटिंग कर प्रशासन से नुकसान की भरपाई और सुरक्षा की मांग की।

कर्फ्यू में ढील, लोगों को राहत
बेशक प्रशासन द्वारा घोषित कर्फ्यू का कोई असर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने औपचारिक रूप से सुबह नौ बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक ढील दी। इस दौरान काफी दुकान भी खुली और लोगों ने जरूरत की वस्तुएं खरीदी।

सब्जियों पर भी दिखा असर
आंदोलन की वजह से खाद्य वस्तुओं की भी किल्लत बढ़ने लगी है। फिलहाल शहर में दूध की तो सप्लाई हो रही है, लेकिन ब्रेड व बाहर से आने वाली अन्य खाद्य वस्तुएं खत्म होने लगी हैं। इसका असर सब्जियों के भाव पर भी पड़ा है। रविवार को मटर का भाव जहां 50 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, वहीं सोमवार को रास्ते खुलने की वजह से मटर के भाव गिरकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गए। सब्जी व फल से भरे वाहन बीच रास्तों में फंसे हुए हैं, सब्जी मंडी में प्याज व अंगूर का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है।

व्यापारियों ने की नुकसान की भरपाई की मांग
जींद। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दुकानों पर हुई तोड़फोड़, आगजनी व लूटपाट से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। नुकसान की भरपाई व उचित सुरक्षा की मांग को लेकर व्यापारियों ने सरकार व प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। सोमवार को सभी ट्रेड यूनियनों के प्रधानों व व्यापार मंडल के नेताओं की बैठक हुई।

बैठक में ताराचंद जिंदल, ईश्वर बंसल, राजकुमार गोयल, महाबीर कंप्यूटर, सावर गर्ग, पवन मित्तल, रिंकू, सुनील वशिष्ट, जय कुमार, ओमप्रकाश सर्राफ, संतलाल चुघ, रमेश कुमार, सुनील गर्ग, श्यामसुंदर, बलवंत कथूरिया, कृष्ण सिंगला, अशोक गुलाटी उपस्थित थे।

 व्यापारियों ने सरकार से मांग रखी कि जल्द से जल्द व्यापारियों के करोड़ों रुपये के हुए इस नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर पीड़ित व्यापारियों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही व्यापारियों को सुरक्षा के उचित प्रबंध उपलब्ध कराए जाए।

अगर मांगें नहीं मानी गई, तो सात दिन के बाद व्यापारी अनिश्चितकालीन शहर बंद जैसा कदम उठाने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। एसडीएम ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। डीएसपी दिनेश यादव ने व्यापारियों को सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाने का भरोसा दिलाया।

आर्य समाज ने शांति बनाए रखने की अपील
आर्य समाज के वरिष्ठ संन्यासियों ने हरियाणा वासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सार्वदेशिक सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश, उड़ीसा की आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान व आम सेना गुरुकुल के संचालक स्वामी धर्मानंद सरस्वती, अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विरक्त मंडल के कोषाध्यक्ष गुरुकुल गौतम दिल्ली सहित आठ गुरुकुलों के संचालक स्वामी प्रणवानंद, नशाबंदी परिषद हरियाणा के प्रधान स्वामी रामवेश, स्वामी सोमानंद ने भाईचारा व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।  
गैर जाट समुदाय के लोगों ने किया हंगामा

विधायक और उसके बेटे के विधायक जसबीर देशवाल की कोठी पर धावा बोलने के दौरान पुलिस फायरिंग में मरने वाले दो युवकों की मौत के बाद सोमवार को गैर जाट समुदाय के लोगों ने शवों को लेकर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दोनों युवकों की हत्या में विधायक जसबीर देशवाल और उनका बेटा शामिल है, इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। पूरे दिन शहर में तनाव का माहौल बना रहा।

 पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत ली और उसकी जांच शुरू कर दी। शिकायत मिलने के बाद विधायक जसबीर देशवाल और उसके बेटे जितेंद्र उर्फ जोनी के खिलाफ मामला दर्ज करने की चर्चाएं रही, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टी नहीं की। दिन भर पुलिस गांव छाप्पर के वीर सिंह उर्फ बग्गा के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मृतकों के परिजनों से गुहार लगाती रही, लेकिन गैरजाट समुदाय के लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे।

रविवार देर रात दूसरे घायल नवीन कुमार की उपचार के दौरान पीजीआई खानपुर में मौत हो गई। जिससे लोगों में तनाव की स्थिति बढ़ गई। काफी संख्या में लोगों ने सोमवार को कस्बे के सैनी धर्मशाला में बसपा के वरिष्ठ नेता कर्मबीर सैनी के नेतृत्व में बैठक की। जिसमें सरकार से अनेक मांग की गई, दोपहर बाद गोली चलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को लेकर डीसी जींद विनय सिंह, एएसपी अभिषेक जोरवाल से थाना में मुलाकात की।

इस दौरान एसएसपी को मृतक नवीन सैनी के चाचा ओमप्रकाश सैनी ने शिकायत दी कि उसके भतीजे और गांव छाप्पर के वीर सिंह उर्फ बग्गा की विधायक जसबीर देशवाल की कोठी के सामने प्रदर्शन के दौरान हुई। इसमें विधायक जसबीर देशवाल और उसका बेटा जितेंद्र उर्फ जोनी भी शामिल है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

ज्ञात रहे कि रविवार को गैर जाट समुदाय के कुछ लोग एकत्रित होकर शहर में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सफीदों की जाट धर्मशाला में आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने विधायक जसबीर देशवाल की कोठी की तरफ रुख कर लिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विधायक जसबीर देशवाल की कोठी के बाहर खड़ी गाड़ी को आग लगा दी और कोठी के अंदर घुसने लगे। इस पर वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में गांव छाप्पर के वीर सिंह उर्फ बग्गा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सफीदों निवासी नवीन सैनी गंभीर रुप से घायल हो गया। उसकी पीजीआई खानपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई।

 दो युवकों की मौत के बाद सोमवार सुबह गैर जाट समुदाय के लोग दोनों शवों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और विधायक तथा उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसके बाद एसएसपी अभिषेक जोरवाल को मृतक नवीन सैनी के चाचा की शिकायत ली। इसके बाद विधायक जसबीर देशवाल तथा उसके बेटे जितेंद्र उर्फ जोनी के खिलाफ मामला दर्ज करने की चर्चा गर्म रही। लेकिन किसी भी अधिकारी ने अधिकारिक रूप से पुष्टी नहीं की।

एक-एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की मांग
भारी तादात में कस्बे के अग्रसेन चौक पर एकत्रित लोगों ने लिखित में अपना मांग पत्र तैयार कर एसएसपी के माध्यम से सरकार के पास पहुंचाया। बैठक के दौरान बनाई गई 21 लोगों की कमेटी ने लोगों को मांग पत्र पढ़कर सुनाया। जिसमें लोगों ने मृतकों को शहीद का दर्जा, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये व घायलों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मृतक के घर में से एक को नौकरी और विधायक जसबीर देशवाल से त्यागपत्र और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ये बनाए कमेटी के सदस्य
लोगों ने सामूहिक रूप से 21 लोगों को दोनों परिवारों की लड़ाई लड़ने व शांति बनाए रखने के लिए चुना गया। एडवोकेट बलराम सैनी के नेतृत्व में कर्मबीर सैनी, नरेश जांगड़ा, जगदीश कश्यप, सत्यवान सैन, रोशन नंबरदार, जयनारायण नंबरदार, सतीश, आजाद सैनी, चंद्र सैनी, श्रीपाल सैनी, कृष्ण, रोशन प्रजापत, विकास, ओमप्रकाश सैनी, रामनिवास बाल्मीकी, शीशपाल बैरागी, सुनील कुमार, रिंकू लुहार, पालेराम आदि को शामिल किया गया।

एडीजीपी बीके सिन्हा ने कहा कि विधायक के खिलाफ शिकायत आई है। शिकायत की जांच करना पुलिस का काम है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस दौरान उन्होंने दोहराया किसी भी उपद्रवी को बक्शा नहीं जाएगा। जो जिले में शांति का माहौल बना है उनको भड़काने का प्रयास कर रहे हैं उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले को भड़काने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा।

हाईवे पर डटे रहे आंदोलनकारी
 आरक्षण की मांग को लेकर पांचवें दिन भी हाईवे पर तारखा कोठी के पास आंदोलनकारी डटे रहे। यहां सुबह से गांवों से लोग पहुंचना शुरू हो गए। पांच दिनों से लगे जाम के चलते दूर-दराज सामान को लेकर जाने वाले वाहनों के चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांच दिनों से ट्रक जाम में फंसे हुए हैं।
हाईवे पर जाम लगाए बैठे लोगों के लिए रागनी कलाकार पूरे दिन रागनी सुनाते रहे। यहां पर लगाए गए लंगर में आंदोलनकारियों के साथ-साथ जाम में फंसे ट्रकों के वाहन चालक भी खाना खाते हैं। रात को सड़क के बीच लगाए गए टेंटों में आंदोलनकारी रात बिताते हैं।

सूझबूझ आई काम
रविवार को दोपहर बाद कुछ गांव के युवक पुलिस थाना के सामने से मंडी में पहुंच रहे थे। मंडी में बनाई गई लोगों की कमेटी ने युवकों को समझाया तो युवक वापस लौट गए। कमेटी सदस्यों ने कहा कि आरक्षण को लेकर अगर प्रदर्शन करना है तो वो तारखा कोठी पर चल रहे सड़क के बीच धरने पर बैठ कर अपना समर्थन देकर प्रदर्शन करें। बाजारों में हुड़दंग मचा कर भाईचारा को खराब नहीं करें।

संपर्क मार्गों से निकले वाहन
हाईवे बंद होने के चलते लिंक मार्गों, कच्चे रास्तों से होकर वाहन चालकों ने आवागमन किया। जाम लगाने वाले लोग खुद संपर्क मार्गों से रास्ता वाहन चालकों को बताते नजर आए, ताकि वो परेशान न हो। कच्चे रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को भी वाहन चालकों ने लिंक मार्गों के रास्ते बताए ताकि वो बिना परेशानी के सफर कर सकें। आरक्षण की मांग को लेकर जगह-जगह सड़क पर पेड़ काटे गए हैं लेकिन आवागमन में परेशानी नहीं हुई।  

पटरी पर लौटा जन-जीवन, तीसरे दिन खुले बाजार
उचाना में दो दिनों से बंद बाजार तीसरे दिन खुले। बाजार बंद होने से आम जन-जीवन प्रभावित होने लगा था। बाजार खुलने से आसपास के गांवों से लोगों ने पहुंच कर खरीदारी की। गांव से बाजारों में पहुंचे ग्रामीणों के चलते बाजारों में चहल-पहल दिखाई दी। प्रशासन द्वारा भी पुलिस थाना में पहुंची आर्मी के साथ फ्लैग मार्च किया। पुलिस प्रशासन की टीमें भी लगातार बाजारों में फ्लैग मार्च करती रही। दुकानदारों को किसी भी तरह का डर नहीं होने का विश्वास प्रशासन द्वारा दिलवाया गया।

फैली अफवाह, बाजार हुए बंद
दोपहर के समय गांव से लोगों के आने की अफवाह फैल गई। इससे दुकानदारों ने एकाएक दुकानें के शटर डाउन करने से शुरू कर दिए। कुछ देर के बाद यह बात अफवाह होने का पता चला तो दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली। डीएसपी कुलवंत बिश्नोई ने कहा कि दुकानदारों को चाहिए कि वो अफवाहों पर विश्वास न करें। जो लोग इस तरह की अफवाहें फैलाते हैं उनके बारे मेें प्रशासन को बताए, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकें।

रात भर दिए दुकानों पर पहरे
आम दिनों की तरह रात को बाजारों में चौकीदार नहीं बल्कि दुकानदारों ने पूरी रात चौकीदार बन कर दुकानों पर पहरा दिया। बतादें कि शनिवार की देर रात को रेलवे फाटक सहित अन्य कई दुकानों के शटर तोड़कर लूटपाट करने के प्रयास हुए थे। अज्ञात युवकों द्वारा रात को दुकानों के शटर तोड़ने से बचाने की कोशिश के दौरान उनके साथ झड़प भी हुई। रविवार को सुबह दुकानदारों ने छत्तीस बिरादरी के दुकानदारों की बैठक बुलाकर टीमें बनाई गई जिन्होंने रात को चौकीदार की तरह बाजारों में पहरा दिया।
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बैठक में पहुंचे छत्तीस बिरादरी के लोग
उचाना के महाराजा अग्रसेन मंदिर में छत्तीस बिरादरी के दुकानदारों की बैठक हुई। इसमें एसडीएम नरवाना सुमित कुमार पहुंचे। बैठक में दुकानदारों ने प्रशासन के सामने अपनी बातें रखी। बैठक में आए छत्तीस बिरादरी के लोगों ने संयुक्त रूप से कहा कि उनका वर्षों से आपस में भाईचारा है वो सब मिलकर किसी सूरत में भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। दुकानदारों ने प्रशासन को भी विश्वास दिलाया कि वो शहर में किसी सूरत में भाई चारा खराब नहीं होने देंगे। बिना प्रशासन के वो असामाजिक तत्वों से निपटेंगे जो भाईचारा खराब करना चाहते हैं। बाजारों में आकर कोई गलत हरकत करता है तो उससे सभी संयुक्त होकर निपटेंगे।

नरवाना में नहीं खुले रास्ते
सरकार का जाटों को आरक्षण देने का आश्वासन फिलहाल नरवाना में कोई बदलाव नहीं ला सका। सभी रास्तों पर जाट समुदाय के लोग डटे बैठे हैं। जाटों का कहना है कि जब तक दूसरे क्षेत्रों में लोग सड़कों पर बैठे हैं वह भी जाम लगाए रखेंगे। वहीं डिपो में खड़ी कई बसों के शीशे तोड़े गए हैं। बसों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने सेना के वान तैनात किए हैं। सोमवार को चंद दुकानों को छोड़कर शहर में सभी दुकानें सुचारू रूप के खुल रहे। बाजारों में चहल पहल रही। लोगों ने अपने कारोबार शुरू कर दिये हैं लेकिन आने जाने में काफी दिक्कत है। लोग निजी वाहनों के सहारे ही इधर उधर जा रहे हैं।

रोडवेज कर्मचारियों ने की लोगों  से शांति की अपील               
जाट आरक्षण की आड़ में  हिंसक घटनाओं के जारी रहने की सूचना को लेकर कई सामाजिक संस्थाओं व गणमान्य लोगों ने शांति रखने की अपील की है। नरवाना रोडवेज कर्मचारियों ने लोगों से शांति रखने की अपील की हैै। रोडवेज के प्रांतीय प्रधान प्रदीप शर्मा ने कहा कि सरकारी संपत्ति का नुकसान उन सबका नुकसान हैैैैैै। सभी को शांति बनाकर रखनी चाहिए।  
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जाम में फंसे लोगों की हो रही सेवा
नरवाना में फंसे लोगों की सेवा कर रहे नरवाना के लोग
ट्रेनों के बंद होने के कारण नरवाना के रेलवे स्टेशन पर पिछले छह दिनों से झांसी के अनेक लोगों के साथ-साथ काफी लोग फंसे हुए हैं। जिसमें पुरुषों के अलावा, महिलाएं व छोटे छोटे बच्चे शामिल हैं। बेशक ये लोग अपने अपने घर नहीं पहुंच पाए हो लेकिन रेल वार्डन एसोसिएशन के सदस्यों सहित नंदलाल शर्मा, विनोद शर्मा, दिनेश शर्मा सहित कई नागरिक उनके खाने पीने का इंतजाम कर रहे हैं।

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