15जेएनडी07 : जाट धर्मशाला के मुख्य गेट का फोटो। संवाद
जींद। शहर की सबसे बड़ी जाट धर्मशाला को चलाने वाली जाट धर्मार्थ सभा का कार्यकाल पूरा होने वाला है। सभा का चुनाव हर तीन साल में होता है। वर्तमान प्रधान देवव्रत ढांडा का कार्यकाल फरवरी में पूरा हो जाएगा। अभी से सभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। अभी तक आम सभा की दो बैठकें हो चुकी हैं मगर इसमें कोरम पूरा नहीं होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब चार फरवरी को तीसरी बैठक होगी। उसमें यदि 10 प्रतिशत सदस्य भी पहुंच गए तो कोरम पूरा माना जाएगा और चुनाव की घोषणा की जाएगी।
अर्बन इस्टेट में शहर की सबसे बड़ी जाट धर्मशाला है। इसको चलाने वाली जाट धर्मार्थ सभा के पूरे जिले में 2900 सदस्य हैं। काफी सदस्य इस संस्था के बाहर के भी हैं। इसके चुनाव को काफी अहम माना जाता है। भले ही पिछले 20 साल से भी ज्यादा समय से कभी भी जाट धर्मार्थ सभा के चुनाव में मतदान की नौबत नहीं आई है, और प्रधान सर्वसम्मति से बनते आए हैं, लेकिन सर्वसम्मति के समय भी इसके सदस्यों में काफी गहमागहमी रहती है। देवव्रत ढांडा की अध्यक्षता वाली वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने को है। इसके बाद जाट धर्मार्थ सभा के प्रधान देवव्रत ढांडा ने कार्यकारिणी के नए चुनाव के लिए जाट धर्मार्थ सभा की आम सभा की बैठक बुलाना शुरू कर दिया है। पहली बैठक एक दिसंबर को हुई थी, जिसमें कोरम पूरा नहीं हो पाया। दूसरी बैठक आठ जनवरी को बुलाई गई। इसमें भी कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। अब तीसरी बैठक चार फरवरी को होगी। इसमें जाट धर्मार्थ सभा के आजीवन सदस्यों में से 10 प्रतिशत के पहुंचने पर भी कोरम पूरा हो जाएगा और नई कार्यकारिणी का चुनाव करवाया जाएगा। जाट धर्मार्थ सभा के कुल 2900 सदस्य हैं। इस हिसाब से चार फरवरी की आम सभा की बैठक में 290 सदस्यों के पहुंचने पर भी कोरम पूरा हो जाएगा और कार्यकारिणी का चुनाव हो जाएगा।
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चाें को उपलब्ध करवाई सुविधाएं
जाट धर्मार्थ सभा की वर्तमान कार्यकारिणी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में जन सेवा के कई बड़े कार्य किए हैं। जाट धर्मशाला में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए लाइब्रेरी में किताबों की संख्या बढ़ाई गई। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ऑनलाइन लाइब्रेरी में बच्चों को ज्यादा सुविधाएं दी गई और उनसे फीस भी नाममात्र की ली गई। इसके अलावा जाट धर्मशाला में उन लोगों के लिए रात को मुफ्त में ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई, जिनके पास खाने और धर्मशाला में ठहरने के लिए पैसे नहीं होते। जाट धर्मार्थ सभा की किसी भी बैठक का कोई खर्च सभा के खाते में नहीं डाला गया।
15जेएनडी07 : जाट धर्मशाला के मुख्य गेट का फोटो। संवाद