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आज तय होगा जाट आंदोलन के धरने का भविष्य

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धरने को संबोधित करते डॉ. दलबीर बीबीपुर। - फोटो : bureau
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने का भविष्य बुधवार को तय होगा। दरअसल प्रशासन द्वारा धरने के लिए आठ जून तक की अनुमति दी गई है, जो बुधवार को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद जाट नेताओं ने धरने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं लेने का फैसला लिया है। जाट नेताओं का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को अनिश्चितकालीन धरने के लिए पत्र दिया है और यहां अनिश्चितकालीन धरना ही चलेगा। धरने के तीसरे दिन जाटों ने खटकड़ गांव के खेतों में आंदोलन जारी रखा। बुधवार को खटकड़ गांव में धरने का दूसरा दिन रहा और दूसरे दिन यहां खटकड़ गांव के लोगों ने भी शिरकत की। मंगलवार को खटकड़ गांव से लोग धरने पर नहीं पहुंचे थे। धरने के दौरान जाट नेताओं ने खापों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें जाट कौम का गद्दार करार दिया। नौगामा खाप के डॉ. दलबीर बीबीपुर ने तो एक खाप नेता का नाम लेकर उन्हें बिकाऊ तक कह डाला। डॉ. दलबीर बीबीपुर ने कहा कि बेशक वे लोग सरकार के हाथों बिक गए हैं, लेकिन उन्हें अब सरकारी माल खाकर आराम करना चाहिए, न कि जाटों के खिलाफ प्रचार करना चाहिए।
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मुस्तैद रहा प्रशासन, एसएसपी ने की पेट्रोलिंग
जाटों के धरने के चलते प्रशासन खासा मुस्तैद रहा। स्वयं एसएसपी राकेश आर्य ने नरवाना रोड पर पेट्रोलिंग की। जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर नाकों पर तैनात पुलिस, बीएसएफ, आरएएफ, सीमा सुरक्षा बल के जवानों को एसएसपी राकेश कुमार आर्य ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी ने उन्होंने बस स्टैंड, रानी तालाब, एसडी स्कूल मोड, बत्तख चौक, सब्जी मंडी मोड, पटियाला चौक, झांझ व खटकड़ गांव धरनास्थल के पास लगे नाकों पर तैनात कर्मियों से बातचीत की और उन्हें पुलिस फोर्स के टिप्स दिए। उन्होंने चप्पे चप्पे पर तैनात फोर्स के जवानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें कई पहलुओं पर बारीकी से ब्रीफ किया। एसएसपी ने बीएसएफ के जवानों के आधुनिक हथियारों को भी देखा। वहीं खुफिया एजेंसियां भी धरनास्थल से लेकर हर जगह सतर्क रहीं।

 सरकार के खिलाफ निकाली भड़ास
धरना स्थल पर जाट नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इन लोगों ने कहा कि सरकार जाटों के साथ धोखा कर रही है। यदि सरकार की मंशा जाटों को आरक्षण देने की है तो फिर उसे नौंवी सूची में शामिल क्यों नहीं किया जाता, ताकि यह आरक्षण पक्का हो जाए।
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 युवाओं की संख्या कम
तपती गर्मी में बेशक युवाओं की संख्या धरना स्थल पर कम हुई है, लेकिन बुजुर्गों का जोश बरकरार है। सोमवार के मुकाबले बुधवार को करीब 200 अधिक बुजुर्ग धरना स्थल पर पहुंचे। इनमें काफी लोग तो 30 किलोमीटर दूर से अपने वाहनों से धरने पर पहुंचे।

सीएम के खिलाफ अभद्रभाषा का प्रयोग करने वाले पर कार्रवाई
मंगलवार को धरने के दौरान एक नेता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। ऐसे में खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर उस नेता के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई के मूढ़ में है। मंगलवार के धरने के दौरान एक महिला ने भी सीएम के खिलाफ इसी प्रकार की भाषा का प्रयोग किया था, उसके बारे  में भी प्रशासन तथ्य खंगाल रहा है।

हमने प्रशासन से अनिश्चितकालीन धरने की अनुमति की मांग की थी। धरना शांतिपूर्ण चल रहा है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति हमेशा शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में रही है। ऐसे में दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। यहां शांतिपूर्ण धरना चलेगा।
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-कैप्टन रणधीर सिंह चहल
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति

 
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