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पंद्रह दिन के बाद जाटों का धरना समाप्त

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अनशन तुड़वाते यशपाल मलिक। - फोटो : bureau
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गांव खटकड़ में 15 दिनों से चले आ रहे जाटों के धरने रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने खटकड़ पहुंचकर समाप्त करवा दिया। यशपाल मलिक ने सबसे पहले धरना स्थल पर क्रमिक अनशन पर बैठे जाट समुदाय के पांच लोगों को जूस पिलाया और सरकार से हुई बातचीत के बारे में धरना स्थल पर बैठे लोगों को अवगत करवाया। यशपाल मलिक के कहने पर रविवार शाम पांच बजे जाटों ने धरना स्थल को खाली दिया और वहां से टेंट हटाने का काम शुरू हो गया।इसके बाद धरने को समाप्त करने की घोषणा कर दी। लोगाें को संबोधित करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन कौम के लिए आंदोलन नहीं बल्कि तपस्या थी। स्वतंत्र देश में जाटों ने अपने स्वतंत्र अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। इस दौरान धरने से दूरी बनाने वाले कुछ खाप चौधरियों के बारे में मलिक ने कहा कि यह कौम के जयचंद है और सरकार का एजेंट बनकर काम कर रहे है। इसलिए जनता को इन जयचंदों व सरकारी एजेंटों से बचकर रहना है। यह लोग कौम के हितों के साथ खिलवाड़ करके अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कौम के ही कुछ जयचंद सरकार को गुमराह करते रहे कि अगर जाटों ने धरना शुरू किया तो वह उग्र हो जाएंगे, लेकिन हरियाणा के जाटों ने दिखा दिया कि वह कितने शांतिप्रिय हैं और 15 दिन तक प्रदेशभर में शांतिपूर्वक धरना चलाया। उन्होंने कहा कि सरकार 36 बिरादरी के भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास किया था, लेकिन जाटों ने उनको सफल नहीं होने दिया और भविष्य में इसे सफल नहीं होने देंगे। 36 बिरादरी के लोगों के साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
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सरकारी एजेंटों ने पहुंचाया कौम को नुकसान
यशपाल मलिक ने धरनों का विरोध कर रहे खापों के उन चौधरियों की जनता के बीच पोल खोलते हुए कहा कि यह सरकारी एजेंट हैं। पहले यह कौम के जयचंद अपने फायदे के लिए हमेशा ही सरकार के साथ हाथ मिला लेते हैं। यह वही लोग हैं जब पूर्व की भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी तो उनके पास पहुंच गए और अपने निजी फायदे उठाए। अब वर्तमान सरकार से उनकी मिलीभगत है। ऐसे लोग खापों के चौधरी नहीं, सरकारी एजेंट हैं और ऐसे सरकारी एजेंटों से अब उनकी खापों के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए खापों में भी पारदर्शिता लाने की जरूरत है।

सांसद  सैनी कौम के जयचंद
यशपाल मलिक ने कहा कि सासंद राजकुमार सैनी ने ओबीसी बिग्रेड बनाकर प्रदेश का माहौल खराब किया है। वह सैनी समुदाय के जयचंद हैं, क्योंकि उन्होंने सरकार के हाथों में खेलते हुए सदियों से चले आ रहे आपसी भाईचारे को खत्म करने के लिए प्रदेश में जहर घोला और उसके बाद ओबीसी बिग्रेड बनाकर प्रदेश के माहौल को खराब कर दिया। आंदोलन के दौरान राजकुमार सैनी की ओबीसी बिग्रेड ने ही आगजनी व जाट समुदाय के महापुरुषों के प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने जाट समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वह सैनी समुदाय के लोगों से विरोध रखने की जरूरत नहीं है, बल्कि वह हमारे भाई हैं और उनके साथ मिलकर चलना है। राजकुमार सैनी जैसे जयचंदों के चलते भाईचारे को खत्म नहीं करना है।
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प्रशासन ने ली राहत की सांस
पिछले 15 दिनों से चल रहे धरने से जिला प्रशासन की सांसे फूली गई थीं। रविवार देर शाम को धरना समाप्त करने की घोषणा होते ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।

 समर्थन करने वाली पार्टियों का जताया आभार
यशपाल मलिक ने धरने के दौरान इनेलो और कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा समर्थन करने पर आभार जताया और कहा कि कौम आने वाले चुनाव में कौम भी उनका समर्थन करने से पीछे नहीं हटेगी।
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