जाट आरक्षण सहित छह मांगों को लेकर खटकड़ गांव में धरना दे रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति सोमवार से ब्लाक स्तर पर क्रमिक अनशन शुरू करेगी। हालांकि अभी इसका फैसला नहीं हो पाया है कि प्रतिदिन अनशन पर कितने लोग बैठेंगे। समिति के नेताओं के अनुसार प्रतिदिन पांच या दस लोग भूख हड़ताल कर आंदोलन चलाएंगे। इसके साथ ही समिति द्वारा सोमवार से ही जुलाना और नरवाना में भी धरना शुरू किया जएगा। कुछ समय के बाद ब्लॉक स्तर भी भूख हड़ताल शुरू हो सकती है। शनिवार को धरने के दौरान युवाओं और बच्चों के धरने पर पहुंचने को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र व महासचिव वीरभान ढुल के बीच मतभेद भी सामने आया। अपने संबोधन के दौरान जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि युवाओं व बच्चे धरने पर नहीं आएंगे। इसके बाद जैसे ही कैप्टन भूपेंद्र अपना संबोधन समाप्त कर मंच पर बैठे, महासचिव वीरभान ढुल ने माइक थाम लिया और कहा कि कैप्टन साहब के कहने में कुछ गलती हो गई है। युवा और बच्चे भी धरने पर आ सकते हैं। इसको लेकर दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई।
खटकड़ गांव में किया चंदा
वहीं धरने को चलाने के लिए खटकड़ गांव के लोगों ने घूम-घूम कर घरों से चंदा किया। गौरतलब है कि खटकड़ गांव में चल रहे धरने में चाय और खाने के खर्च की जिम्मेदारी खटकड़ के लोगों ने ही उठा रखी है। समिति के लोगों के अनुसार खटकड़ गांव के लोग दिल खोलकर चंदा दे रहे हैं।
सरकार पर फिर साधा निशाना
धरने के मंच से वक्ताओं ने सरकार पर फिर से निशाना साधा और वादा खिलाफी का आरोप लगाया। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार के मंत्री ने बातचीत में जिन मांगों पर सहमति जताई है, उनको भी पूरा नहीं किया जा रहा है। कई लोगों ने भाजपा पर फूट की राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं वक्ताओं ने लोगों से कहा कि वे शांतिपूर्ण अपना आंदोलन जारी रखें।
समिति छह मांगों को लेकर अपना आंदोलन कर रही है। जब तक इन सभी मांगों को सरकार मान नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को धरने की अनुमति समाप्त हो रही है। ऐसे में रविवार को ही खटकड़ और जुलाना और नरवाना के धरनों के लिए अनुमति का आवेदन भी किया जाएगा।
- कैप्टन रणधीर सिंह चहल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
प्रशासन किसी के भी जनतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं करेगा, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। अपने संसाधनों से कितने धरनों पर नजर रखी जा सकती है, इसके आधार पर ही अनुमति दी जाएगी।
- विनय सिंह, डीसी