धरने को संबोधित करते अभय चौटाला।
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जाट आरक्षण सहित छह मांगों को लेकर खटकड़ गांव में धरना दे रही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति को समर्थन देने के लिए इनेलो नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला बुधवार को पहुंचे। इस दौरान चौटाला ने दिखा दिया कि जाट आरक्षण के मुद्दे पर इनेलो के तेवर काफी तल्ख हैं। चौटाला ने धरने पर बैठे लोगों से आह्वान किया वे धरने पर अधिक से अधिक भीड़ जुटाएं और वे विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे। चौटाला ने कहा कि जब तक सरकार जाटों को आरक्षण नहीं देगी, वे विधानसभा को नहीं चलने देंगे।
धरने पर पहुंचे अभय चौटाला ने भाजपा और आरएसएस पर भड़ास निकाली। चौटाला ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा में गुजरात मॉडल लागू करने की बात कही थी। यही हुआ, गुजरात में हिंदू-मुस्लमान को लड़वाया गया, और यहां जातीय समरसता को समाप्त करवा दिया गया।
रोहतक में हिंसा के लिए ग्रोवर जिम्मेदार
चौटाला ने कहा कि फरवरी माह में हुए आंदोलन को शांतिप्रिय ढंग से चलता देख भाजपा के लोग हजम नहीं कर पाए। चौटाला ने नाम लेते हुए कहा कि रोहतक के विधायक मनीष ग्रोवर के घर पर आरएसएस के नेताओं की बैठक हुई और यहां लूटपाट और आगजनी की छूट दी गई। इसके बाद ही लोगों ने रोहतक के बाद भिवानी में आगजनी की और प्रदेश के कई जिलों में हिंसा हुई। चौटाला ने कहा कि यहां जातीय जहर फैलाने के लिए चौधरी छोटूराम और राव तुलाराम की प्रतिमाओं तक को गिरवाया गया। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, जुलाना से विधायक परमेंद्र ढुल और जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी भी मौजूद रहे।
खापों को दी नसीहत
धरने पर पहुंचे अभय चौटाला ने खाप नेताओं द्वारा आंदोलन का समर्थन नहीं करने पर कहा कि उन्हें खाप की चौधर जाटों के बच्चे ही देते हैं। यदि जाटों के बच्चे ही उनका समर्थन करना बंद कर देंगे तो प्रधानी धरी की धरी रह जाएगी।