जींद। अस्पताल में जब कोई मरीज दर्द, घबराहट या गंभीर स्थिति में पहुंचता है तो सबसे पहले उसे जिस चेहरे से भरोसा मिलता है, वह अक्सर स्टाफ नर्स का होता है। नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स जन्नत इसी भरोसे का नाम बन चुकी हैं।
कोरोना काल से लेकर आज तक उन्होंने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में मरीजों की सेवा को प्राथमिकता बनाया है। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर उनकी सेवाएं मरीजों और स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रेरणादायक है।
जन्नत दूहन ने सात वर्षों तक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कभी ड्यूटी के समय की परवाह नहीं की। कई बार 24 घंटे ऑन कॉल रहकर गंभीर मरीजों के उपचार में सहयोग किया। गर्भवतिओं की जटिल डिलीवरी, ऑपरेशन और गंभीर हालत में आए मरीजों की जान बचाने के लिए पूरी टीम के साथ लगातार कार्य किया।
जन्नत का कहना है कि जब किसी मरीज की जान बचाना ही उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। वर्तमान में जन्नत इमरजेंसी वार्ड में सेवाएं दे रही हैं। यहां स्नेक बाइट, हार्ट अटैक, जहरीला पदार्थ खाने और सड़क हादसों में घायल मरीजों को तुरंत उपचार देने की चुनौती रहती है।
कई बार मरीज और उनके परिजन इतने भरोसे के साथ आते हैं कि इंजेक्शन लगवाने या प्राथमिक उपचार के लिए विशेष रूप से जन्नत को ही बुलाने की सिफारिश करते हैं।
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कोरोना महामारी के दौरान जब लोग संक्रमित मरीजों के पास जाने से भी डर रहे थे, उस समय जन्नत ने प्रथम पंक्ति में खड़े होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया था।
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जन्नत ने अस्पताल की गुणवत्ता सुधार टीम में भी कार्य किया और व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए। हाल ही में उन्होंने स्किल बर्थ अटेंडेंट का कोर्स भी पूरा किया है। इसके तहत वह एएनएम और आशा वर्करों को प्राथमिक उपचार और सुरक्षित प्रसव संबंधी प्रशिक्षण देंगी।