जींद। नागरिक अस्पताल में खुलने वाले जन औषधि केंद्र को स्वास्थ्य विभाग प्रथम चरण में खुद चलाएगा। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। नागरिक अस्पताल का चीफ फार्मासिस्ट इसकी निगरानी करेंगे। जब जन औषधि केंद्र से लाभ आना शुरू होगा तो इसको ट्रांसफर किया जाएगा।
नागरिक अस्पताल में बनने वाले जन औषधि केंद्र को चलाने के लिए कमेटी का भी गठन किया जाएगा। जन औषधि केंद्र के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा शवगृह के निकट सीएससी के पास 120 स्क्वायर फीट की खाली जगह चुनी गई है। चार जनवरी को पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई ने जगह का निरीक्षण किया था।
नागरिक अस्पताल पीएमओ कार्यालय द्वारा जन औषधि केंद्र खोले जाने को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखा गया था। केंद्र के लिए शवगृह के निकट आधार कार्ड सेंटर के साथ लगती 120 स्क्वायर फीट का एरिया है, जहां फिलहाल दुकानें बनी हुई हैं, जो पिछले काफी समय से खाली हैं। जेई के निरीक्षण में जगह ठीक पाई गई। अब भारतीय जन औषधि केंद्र बनाने का अस्टीमेट तैयार कर इसे मुख्यालय भिजवाया गया है, ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके।
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जन औषधि केंद्रों में 1800 प्रकार की दवाइयां और 285 मेडिकल डिवाइस होंगे उपलब्ध
जन औषधि केंद्र में करीब 1800 प्रकार की दवाइयां और 285 मेडिकल डिवाइस रखे जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में जन औषधि केंद्रों पर 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर दवाएं मिल जाती हैं। जेनेरिक दवा ब्रांडेड दवाओं से सस्ती होती हैं। जेनेरिक दवाएं सीधे खरीदार तक पहुंचती हैं। सरकार इन दवाओं की कीमत खुद तय करती है।
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जन औषधि केंद्र को स्वयं चलाएगा अस्पताल प्रशासन
अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला जाना प्रस्तावित है। प्रारंभिक चरण में इस केंद्र को उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार स्वयं चलाया जाएगा। स्वास्थ्य महानिदेशक द्वारा केंद्र खोले जाने व चलाने को लेकर जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उनकी पालना की जा रही है।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।