हवा में लाल लंगोट लहराते नवीन जयहिंद। संवाद
सफीदों। जयहिंद सेना सुप्रीमो नवीन जयहिंद वीरवार को नगर की राजीव कॉलोनी पहुंचे। आचार्य पुरुषोत्तम कौशिक व गोपाल कौशिक ने उनका अभिनंदन किया। जयहिंद ने कहा कि वह हर समय अपने साथ देसी घी का कनस्तर व लाल लंगोटी लिए घूमते हैं और खुला चैलेंज देते हैं कि जिसमें दम हो राज्यसभा सीट के चुनाव मैदान में आए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की राज्यसभा सीट खाली होने के डेढ़ महीने तक इंतजार किया, लेकिन किसी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया। जब कोई सामने नहीं आया तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं। राजनीतिक दल एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं और उस गेंद को उन्होंने फुटबॉल बना दिया है। उन्होंने कहा कि जनता की मांग पर हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव में आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का एलान किया हैं। उन्होंने जनता के मुद्दों को उठाने का कार्य किया है और उनका समाधान भी करवाया है। उसके पास आए दिन लोग पीने के पानी, बुढ़ापा पेंशन, फैमिली आईडी या फिर बीपीएल कार्ड की समस्या को लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने समस्या के निराकरण का प्रयास किया है।
नवीन जयहिंद ने कहा कि उन्होंने एक सर्वे भी करवाया, जिसमें 86 प्रतिशत लोगों ने उन्हें राजनीति में उतरकर जनता की आवाज उठाने के लिए कहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि जिसके पास 100 करोड़ रुपये हों वहीं राजनीति में आए अन्यथा अपनी नौकरी, व्यापार व परिवार को संभाले। अजय चौटाला के बयान पर जयहिंद ने कहा कि हमारे पास न तो पैसा है और न हमें विरासत में कुछ मिला है। हमारे पास सरकारों से लड़ने का जिगर जरूर है। जयहिंद ने कहा कि प्रदेश के ढाई लाख बुजुर्गों, विधवाओं व दिव्यांगों की पेंशन बनवाई, जब सीईटी का पेपर नहीं लिया जा रहा था तो बेरोजगारों की बरात निकाली, वर्षों से सरकार के कब्जे में पड़ी पहरावर की जमीन से कब्जा छुड़वाया, जब खिलाड़ियों का खेल कोटा खत्म किया गया तो सोटा उठाकर कोटा बहाल करवाया, जब सिंहपुरा गांव में दलितों के घर गिराए जा रहे थे तो बुलडोजर के सामने खड़े होकर घर गिरने से बचाए, जब सरपंचों पर लाठियां बरसाई जा रही थीं तो उनके साथ लाठियां खाईं। जब ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर कर्मचारियों पर लाठियां बरसाई जा रही थीं तो उनके साथ लाठियां खाईं, जब एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था तो उसे लागू करवाने के लिए हम सड़क पर उतरे। वह हर समय समाज की आवाज उठाने के लिए खुद पर मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं।