नरवाना में विरोध प्रदर्शन करते जाट समुदाय के युवा
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कुरुक्षेत्र में सांसद राजकुमार सैनी पर स्याही फेंकने के मामले में अब राजनीति गर्म हो चली है। स्याही फेंकने वाली युवाओं पर धारा 307 व राजद्रोह के केस दर्ज होने का विरोध किया जा रहा है। इसको लेकर जींद में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति और नरवाना में युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। नरवाना में युवाओं ने कहा कि यदि एक सप्ताह में केस वापस नहीं होते तो आंदोलन होगा। जाट समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ज्ञापन सौंपा। जींद में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। इस दौरान समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं ने रोष स्वरूप सांसद राजकुमार सैनी पर स्याही फेंकी है। इन लोगों ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी पिछले डेढ़ साल से जाट समाज का निशाना बना रहे हैं। अपने ज्ञापन में समिति ने कहा कि राजनेताओं पर स्याही फेंकने का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर भी स्याही फेंकी गई, लेकिन तब धारा 307 के तहत केस दर्ज नहीं हुआ। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में युवाओं को बेरहमी से पीटा गया। फिर भी पुलिस ने युवाओं के खिलाफ धारा 307 के तहत केस दर्ज किया है। इन लोगों ने मांग की कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लेने का काम किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और युवाओं से राजद्रोह और जानलेवा हमला जैसी धाराएं हटाई जाएं।
वहीं नरवाना के छोटूराम पार्क से प्रदर्शन शुरू करके लघु सचिवालय में संपन्न हुआ। युवाओं ने सैनी खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व सुबह जाट युवाओं ने दनौदा से नरवाना तक बाइक विरोध रैली भी निकाली। जाट नेता रंगी राम धमतान व सत्यवान दनौदा ने कहा कि स्याही फेंकने पर जो धाराएं युवाओं पर लगाई है वह सरासर गलत है। जाट नेताओं ने कहा कि अगर एक सप्ताह में स्याही फेंकने वाले युवाओं पर लगी धारा 307 को नहीं हटाया गया तो जाट समाज सड़कों पर आकर रोड जाम व रेलवे ट्रैक जाम करने को मजबूर होगा।