23जेएनडी15: अभिभावकों को दिव्यांगता के आंकलन के बारे में जानकारी देते शिक्षक। स्रोत स्वयं
नरवाना। स्कोप चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से मोहलखेड़ा रोड स्थित स्कोप रिहेबिलिटेशन सेंटर में वीरवार को प्रारंभिक हस्तक्षेप जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी सुरजीत ने किया। इसमें विशेष शिक्षकों की ओर से आसपास के गांवों से आए दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को बच्चों की दिव्यांगता के बारे में जागरूक किया गया।
सुरजीत ने बताया कि यह प्रारंभिक हस्तक्षेप कार्यक्रम विशेष रूप से जन्म से 6 वर्ष की आयु तक के बच्चों के विकास में देरी, विकलांगता को आकलन करने का डिजाइन है। इसका उद्देश्य बच्चों के विकास के मुद्दों को जल्दी पहचानना और उनकी अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने में मदद करना है। इसका मुख्य फोकस शारीरिक संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और संचार कौशल को बेहतर बनाना है। इसलिए दिव्यांग बच्चों की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
ऐसे कार्यक्रमों की ओर से अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों को जागरूक किया जाता है, ताकि वह दिव्यांग बच्चों के विकास में मदद कर सके। स्कोप ट्रस्ट की सदस्य अर्चना ने केंद्र व राज्य सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए चल रही अनेक निशुल्क सुविधाओं का लाभ लेने के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर को-ऑर्डिनेटर अक्षय, स्कोप ट्रस्ट सदस्य राजेश्वर, अनूप ढांडा, रमेश कुमार, राजकुमार, विशेष शिक्षक पूनम सिंह, पवन, सोनू कुमार, जयवीर मनीषा, आशा मौजूद रही।