संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। थाना प्रभारी मनीष कुमार ने कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की मित्र और सहयोगी भी है। छात्राओं को किसी भी परेशानी, अपराध या आपात स्थिति में पुलिस से बिना झिझक संपर्क करना चाहिए। पुलिस की मदद समय पर लेने से कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सदर थाना परिसर में आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में 50 छात्राओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य छात्राओं को पुलिस की भूमिका, उनकी सहायता और सुरक्षा से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी मनीष कुमार ने छात्राओं को किसी भी तरह का अपराध होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए, इस बारे में जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना स्थल पर घबराने के बजाय संयम बनाए रखें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। 10 मिनट के अंदर पुलिस उनके पास पहुंच जाएगी।
कार्यक्रम में छात्राओं को पुलिस की तरफ से टोल फ्री नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया कि 112 डायल कर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसके अलावा महिला सुरक्षा, बच्चों से जुड़े मामलों और अन्य विशेष सहायता नंबरों की भी जानकारी दी ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता ली जा सके। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल किए जिनका थाना प्रभारी ने जवाब दिया। मौके पर सतीश कुमार मौजूद रहे।
साइबर धोखाधड़ी के बारे में दी जानकारी
थाना प्रभारी ने छात्राओं को बताया कि आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी मांगने, लिंक भेजकर बैंक खातों से पैसे निकालने जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर किसी के साथ दुर्घटना घट जाती है तो तुरंत 1930 पर डायल कर शिकायत दर्ज करवाएं। इससे उनका पैसा फ्रीज हो जाएगा। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत व बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साेशल मीडिया अकाउंट को रखे प्राइवेट
एसआई मोहन पाल ने बताया कि या तो छात्राएं सोशल मीडिया का कम उपयोग करें या फिर अपने अकाउंट को प्राइवेट रखें। यदि अकाउंट सार्वजनिक होगा तो कोई भी व्यक्ति आपकी फोटो का गलत प्रयोग कर सकता है।