संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिलेभर में निजी बस संचालक बुजुर्ग यात्रियों से पूरा किराया वसूल कर रहे हैं जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। आरटीए की बार-बार हिदायत के बाद भी सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। परेशान बुजुर्गों ने अब आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) विभाग को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
आरटीए को भेजी गई शिकायत में बुजुर्गों ने बसों के नंबर, तारीखें और घटनाओं का पूरा ब्योरा दिया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो निजी बस संचालकों की मनमानी और बढ़ जाएगी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार के वरिष्ठ नागरिकों को किराये में दी गई छूट स्पष्ट रूप से अनिवार्य होने के बावजूद कई निजी बस संचालक इन निर्देशों को मानने को तैयार नहीं हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि एतराज जताने पर बुजुर्ग यात्रियों को बदतमीजी तक झेलनी पड़ रही है।
नियमों के अनुसार, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए बस किराये में निर्धारित छूट है। हालांकि निजी बस संचालकों की मनमानी के कारण यह सुविधा लागू नहीं हो पा रही।
शिकायत करने वाले बुजुर्गों ने कहा कि जब भी वे इस आदेश का हवाला देते हैं, चालक-परिचालक जवाब देते हैं कि उन्हें मालिक की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला या उनकी बसों पर सरकारी नियम लागू नहीं होते। निजी बसों में नियमों की अनदेखी लगातार बढ़ती जा रही है।
मैं जींद से अपने गांव घसो जा रहा था। जींद से एचआर56-बी 7400 में सवार हुआ। निजी बस के परिचालक ने उनसे घसो तक के 45 रुपये मांगे। जब मैंने कहा कि उनका आधा किराया लगता है। इस पर परिचालक भड़क गया और कहा कि वह इन आदेशों को नहीं मानते। फिर उसने 45 रुपये की टिकट थमा दी।
-सूरजभान, घसो
करीब 15 दिन पहले मैं नगूरां से जींद जाने के लिए निजी बस में सवार हुआ था। निजी बस परिचालक ने टिकट का पूरा किराया मांगा तो मैंने आध किराया देने के लिए कहा। इस पर परिचालक ने मुझे बीच रास्ते में उतार दिया।
-रणधीर सिंह, बधाना
जो से निजी बस संचालक मनमानी कर बुजुर्गाें से पूरा किराया वसूल रहे हैं। उनको नोटिस दिए जाएंगे। यदि फिर भी वह नहीं माने तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी बुजुर्ग से पूरा किराया लिया जाता है तो वह आरटीए कार्यालय में शिकायत दें।
-गिरीश कुमार, आरटीए जींद