जींद। जिले में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। वहीं शहर की हवा में लगातार जहर घुलता जा रहा है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 380 दर्ज किया जो गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बीते दस दिनों से जिले का एक्यूआई लगातार खराब से गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। मौसम में ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार धीमी होने से प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठ पा रहे। इसके कारण वायु में धुएं और धूल का स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
प्रशासन की सख्त हिदायतों और निगरानी के बावजूद पराली जलाने के कई मामले सामने आए हैं। अब तक 25 स्थानों पर पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकतर घटनाएं जींद, नरवाना, उचाना और सफीदों ब्लॉकों में दर्ज की गई हैं। इससे हवा में धुआं और सूक्ष्म कण मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है।
खुलेआम जल रहे अपशिष्ट पदार्थ
शहर के सफीदों रोड पर सुबह ही एक हैचरी के बाहर आग लगाकर अपशिष्ट पदार्थों को जलाया जा रहा था। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालक को परेशानी हो रही थी। हालांकि, इस रास्ते से कई अधिकारी व कर्मचारी भी गुजरते हैं लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा।
शहर पर छाई स्मॉग की चादर
कुछ दिनों से शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रहती है। इससे लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो रही हैं। चिकित्सकों ने खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू
जिला प्रशासन ने शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू किया है। नगर परिषद और सफाई कर्मियों की टीमों को सड़कों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित रूप से छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि धूल के कणों का स्तर घटाया जा सके। इसके साथ ही पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
नागरिकों को मास्क पहनने का सलाह
लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण आम जनता में चिंता का माहौल है। शहर के कई हिस्सों में सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को मास्क पहनने, घरों के अंदर पौधे लगाने और अधिक पानी पीने की सलाह दी है।
वर्जन
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि पराली जलाने की घटनाओं को रोका जाए। किसानों को समझाया जा रहा है कि यह न केवल पर्यावरण बल्कि उनके परिवारों के स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है।-मोहम्मद इमरान रजा डीसी, जींद
11जेएनडी21, 22: सफीदों रोड पर निर्जन गांव के पास सड़क किनारे जल रहे कचरे से निकलते धुएं से प्रद