सफीदों। सफीदों के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेशभर में नए-नए कीर्तिमान स्थापित भले ही स्थापित कर रहा है, लेकिन कहीं न कहीं बच्चों को सुविधा देने में सफल नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही कुछ मामला उस वक्त सामने आया जब स्कूल में शनिवार को अंग्रेजी विषय की डिक्टेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों को बिना टाट-पट्टी के जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी।
बच्चों को यह दिक्कत केवल शनिवार को ही नहीं हुई, बल्कि इससे पहले भी हो चुकी है। अभी हाल ही में 20 अप्रैल को स्कूल में वर्तनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें बच्चों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी थी। स्कूल प्रबंधन समय-समय स्कूल में बड़ी-बड़ी सुविधा होने का दावा करते रहते हैं, मगर हकीकत कुछ और ही है। विद्यालय नेशनल स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित हो चुका है। स्कूल मुख्यमंत्री सुंदरीकरण प्रतियोगिता, खेल, विज्ञान व सांस्कृतिक प्रतियोगिता, मिशन बुनियाद व सुपर-100 प्रतियोगिता में खंड व जिलास्तर पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है। विद्यालय में स्थापित गणित, विज्ञान, हर्बल एवं सामाजिक पार्क ने प्रदेश में एक विशेष पहचान बनाई है। कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड स्थापित होने के साथ पूरा स्कूल कैंपस सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। स्कूल में अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस समेत कुल 15 लैब हैं। सब सुविधा होने के दावों के बावजूद बच्चों को प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं में टाट-पट्टी तक नहीं मिल पा रही है।
क्या कहते हैं स्कूल प्राचार्य
स्कूल प्राचार्य डाॅ. योगेंद्रपाल ने कहा कि स्कूल में टाट-पट्टी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। कक्षा में बच्चों की संख्या ज्यादा होने व चीटिंग से बचाने के लिए कक्षाओं से बाहर गैलरी में बैठाकर परीक्षा ली जाती है। आगे इस बात की ओर पूरा ध्यान ध्यान दिया जाएगा और बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठाकर ही परीक्षा दिलवाई जाएगी।
डिक्टेशन प्रतियोगिता के परिणाम
डिक्टेशन प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं के अनमोल शर्मा ने प्रथम, कक्षा 11वीं के जन्नत ने द्वितीय व कक्षा 11वीं के रवि व कक्षा 12वीं की नेहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
27जेएनडी31: 20 अप्रैल को जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हुए बच्चे। संवाद