जींद। महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में हुए स्कूल बस हादसे के बाद नियमों की अवहेलना करने वाली स्कूल बसों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को जिले में कुल 71 बसों की जांच की गई। इनमें 20 बसों के चालान किए गए, जबकि 16 को जब्त कर लिया गया। विभाग के अधिकारियों ने बसों पर 3 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। नरवाना तथा जुलाना में कुछ निजी स्कूल सोमवार को बंद रखे गए।
सोमवार को मोटर वाहन निरीक्षक संजीव कौशिक, आरटीए सहायक आनंद बैनिवाल, यातायात थाना प्रभारी शमशेर सिंह के नेतृत्व में परिवहन विभाग तथा पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिलाभर में मेगा स्कूल बस जांच अभियान चलाया गया। स्कूल बसों की गहनता से जांच की गई। जांच में कहीं चालक व परिचालक वर्दी में नहीं मिले तो कहीं बसों में स्पीड गनर्वर, जीपीएस व कैमरे चलते नहीं मिले। इस पर प्राइवेट स्कूल वाहनों के चालान करने के साथ जब्त किए गए। हालांकि कई स्कूल संचालकों ने कार्रवाई से नाराज होकर छुट्टी भी घोषित कर दी, लेकिन परिवहन विभाग की कार्रवाई नहीं रुकी। बाकायदा स्कूलों में जाकर बसों की जांच की गई।
बच्चों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़
जिस प्रकार निजी स्कूल बसों के चालान तथा उनको जब्त करने का मामला सामने आ रहा है, उससे साफ है कि इन बसों में काफी अनियमितताएं हैं। अधिकतर बसों में तो स्पीड कंट्रोल करने वाला स्पीड गवर्नर नहीं है। इससे बस को तेज गति से चलाया जा सकता है। काफी बसों की हालत बहुत कंडम है, जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। लगभग सभी बसों में कैमरे नहीं चल रहे हैं। इससे साफ है इन बसों में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं।
ले-देकर करवा रहे पासिंग
किसी भी वाहन को हर दो साल में चेक करवाया जाता है। हर दो साल में इन वाहनों की जांच की जाती है और उनको फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। फिटनेस के समय स्कूल बसों की हालत, पेंट, कैमरे, स्पीड गवर्नर, लाइट, स्कूल का नाम, पुलिस का नंबर, स्कूल का नंबर, चालक की ड्रेस तथा सहायक सभी कुछ जांचा जाता है। यदि इनमें से एक भी नियम पूरा नहीं हो तो उस बस की फिटनेस नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद यह बस निर्बाध सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह बात सीधा-सीधा इशारा कर रही है कि पासिंग के दौरान स्कूल संचालक ले-देकर बसों को पास करवा लेते हैं। यदि यह बस पासिंग पर खरी होती तो अब इनमें इतनी कमियां नहीं मिलतीं।
जुलाना और नरवाना में कुछ स्कूलों ने की छुट्टी
बसों की जांच से बचने के लिए नरवाना तथा जुलाना में कुछ स्कूलों ने सोमवार को स्कूल बंद रखे। इसके अलावा यह स्कूल अपनी कंडम बसों को अब घरों में या कहीं और खड़ी कर रहे हैं, ताकि वह जांच टीम के सामने नहीं आ सकें। कुछ दिन बाद जब मामला ठंडा हो जाएगा, फिर से स्कूल संचालक इन बसों को बाहर निकाल लेंगे।
16 बसों का जब्त किया गया : संजीव
मोटर वाहन निरीक्षक संजीव कौशिक, आरटीए आनंद बैनिवाल ने बताया कि स्कूल बसों की जांच के आदेश सरकार ने दिए हुए हैं। इसको लेकर लगातार स्कूल बसों की जांच की जा रही है। सोमवार को 71 बसों की जांच की गई। 20 बसों के चालान करने के अलावा 16 को जब्त किया गया है। चालकों के लाइसेंस भी जांचे जा रहे हैं। लगभग ढाई लाख से अधिक का जुर्माना किया गया है।
लगातार जारी रहेगा अभियान : शमशेर
ट्रैफिक थाना प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि स्कूल वाहनों का जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा। जो वाहन चालक यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिनके कागजात व वाहनों में कमी मिली है, उनके चालान पुलिस विभाग व आरटीओ ने किए हैं।
15जेएनडी30 : जब्त की गई बसों को नरवाना के बस स्टैंड परिसर में किया गया खड़ा। संवाद
15जेएनडी30 : जब्त की गई बसों को नरवाना के बस स्टैंड परिसर में किया गया खड़ा। संवाद