कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह होती जा रही है। सोमवार को जिले में 17 लोगों की कोरोना से मौत हो गई तो 487 नए संक्रमित पाए गए। संक्रमितों में स्वास्थ्य और पुलिस कर्मचारी के अलावा कई परिवारों के चार-चार सदस्य शामिल हैं। लगातार बढ़ रहे संक्रमण के कारण हालत काफी खराब होते जा रहे हैं। नागरिक अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है।
सोमवार को कोरोना की वजह से 75 वर्षीय सफीदों गेट जींद निवासी, शिव कॉलोनी निवासी 64 वर्षीय महिला, जुलाना निवासी 28 वर्षीय युवक, सुभाष नगर जींद निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति, बोहतवाला निवासी महिला, आदर्श कॉलोनी सफीदों निवासी महिला, उझाना निवासी 35 वर्षीय युवक, रोहतक रोड निवासी 58 वर्षीय महिला, पेगां निवासी 45 वर्षीय महिला, शिव कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय महिला, संत नगर निवासी 74 वर्षीय महिला, स्कीम नंबर निवासी 55 वर्षीय महिला, रांगड़ान मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय महिला, फरैण कलां निवासी 66 वर्षीय व्यक्ति, राज नगर निवासी 76 वर्षीय व्यक्ति, कैथल रोड जींद निवासी 54 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को सोमवार को 1105 लोगों की रिपोर्ट मिली। इनमें से 487 लोगों को संक्रमित पाया गया। स्वास्थ्य विभाग अब तक 214173 लोगों के सैंपल ले चुका है। अब तक जिले में 10949 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 8338 लोग ठीक हो चुके है। जबकि 169 लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय 2442 संक्रमित लोग हैं। इनमें से 117 लोगों का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
लगातार संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से हर मुमकिन प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन भी इसमें सुविधाएं जुटा रहा है। नागरिक अस्पताल का हर चिकित्सक व कर्मचारी मरीजों की सेवा में लगा हुआ है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
अब तीनों शिफ्ट में चलेगी उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब
उचाना के नागरिक अस्पताल में स्थित आरटीपीसीआर लैब को अब 24 घंटे तीन शिफ्टों में चलाया जाएगा। लैब तीनों शिफ्टों में चलने से कोरोना जांच रिपोर्ट जल्द मिलेगी। फिलहाल लैब में प्रतिदिन 500 से 600 मरीजों के सैंपलों की जांच होती है। यदि लैब को तीनों शिफ्टों में चलाया जाए तो यह रिपोर्ट तीन गुना तक प्रतिदिन मिल सकती है। तीनों शिफ्टों में लैब चलने के बाद जिले के सभी सैंपलों की जांच यहीं हो सकेगी।
बता दें कि उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब का काफी स्टाफ पॉजिटिव आ गया था। जिसकी वजह से लैब अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रही है। लैब में स्टाफ बढ़ाने के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है। अब डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि मंगलवार से नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं लैब में सहयोग करवाएंगी। इसके लिए अन्य लैब तकनीशियनों को भी भेजा जाएगा ताकि लैब को 24 घंटे चलाया जा सके। इससे जिले की सभी रिपोर्ट की जांच जींद में ही हो सकेगी। फिलहाल काफी सैंपल स्वास्थ्य विभाग को निजी लैबों में भेजना पड़ रहा है। स्टाफ बढ़ा तो जींद के सैंपलों की जांच प्रतिदिन जींद में ही हो सकेगी। आरटीपीसी लैब प्रभारी डॉ. जेके मान ने कहा कि लैब में पूरा स्टाफ हो जाए तो जींद जिले में जितने भी सैंपल प्रतिदिन लिए जाते हैं, उन सबकी जांच जींद में हो जाएगी। उम्मीद है मंगलवार को कुछ स्टाफ मिल जाएगा, उसके बाद लैब 24 घंटे काम करना शुरू कर देगी। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि लैब को 24 घंटे चलाने का प्रयास लगातार जारी है। मंगलवार को कुछ स्टाफ उचाना लैब में भेजा जाएगा।
नागरिक अस्पताल में मरीजों के बारे में जानकारी जुटाते उनके परिजन। संवाद- फोटो : Jind