उचाना। महाराजा अग्रसेन मंदिर में प्रवचन करते हुए मंदिर पुजारी अशोक शर्मा ने कहा कि जो वस्तु मुलायम होती है वो सभी को प्रिय लगती है जैसे रूई, मक्खन, फूल। कठोर वस्तु किसी को अच्छी नहीं लगती। जिंदगी में सदा अपनों के लिए कठोर और दूसरों के लिए नरम बनो।
उन्होंने कहा कि जो इंसान कठोर होता है धीरे-धीरे उसी की बगावत होनी शुरू हो जाती है। कठोरता जीवन में क्यों आती है। जब जीवन में दया का, करुणा का अभाव हो जाता है। स्वार्थ में भी इंसान कठोर बन जाता है। मोक्ष का अधिकारी भी वहीं है जो नरम मुलायम है। संसार पार करना है तो मृदुता जरूरी है। कोमल जमीन में ही अंकुर पैदा होता है। जिस घर के बड़े गरम, छोटे नरम उस घर में है शर्म। जिस घर के बड़े नरम, छोटे गरम वो घर है बेशर्म। कभी दूसरों के साथ वैसा व्यवहार न करें जो आप अपने लिए पंसद नहीं करते।