12जेएनडी11-रोहतक रोड पर स्थित कला धाम में प्रवचन सुनते हुए श्रद्धालु। स्रोत स्वयं
जींद। ऋषि सुखदेव महाराज के सानिध्य में रोहतक रोड पर स्थित कला धाम में चल रहा गुरु पर्व महोत्सव दिव्य आनंद अनुभूति सत्संग व प्रवचन समारोह का समापन हो गया। महाराज ने कहा कि हृदय में ज्ञान का दीपक जलाकर अनंत दिव्य प्रकाश करने वाले पूर्ण परब्रह्म सतगुरु साक्षात भगवान ही है। पूर्ण सतगुरु तो सत्य गूढ़ ज्ञान एवं वास्तविक आनंद के अथाह सागर हैं।
जो भक्त की जीवन रूपी नैया को भवसागर से पार उतारते हैं और अपने सच्चे भक्त को परमपिता प्रभु भगवान के सत्य ज्ञान और वास्तविक आनंद से भरपूर बनाते हैं। इस कीमती मनुष्य जीवन में पूर्ण परब्रह्म महान सतगुरु का मिलना प्रभु भगवान की सबसे बड़ी कृपा है, क्योंकि पूर्ण सतगुरु ही इंसान को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
जगत में सभी गुरु तो पूर्ण नहीं हो सकते। पूर्ण तो वहीं है, जो इंसान को भटकाए नहीं बल्कि सरल और सत्य मार्ग दिखाकर अज्ञान रूपी अंधकार से बाहर निकाले। पूर्ण सतगुरु तो वहीं है जो शिष्य को भी भगवान से मिला सकते है। विकट परिस्थिति में हर कोई साथ छोड़ देता है, परंतु पूर्ण सतगुरु हर हाल में अपने भक्त के साथ रहकर उसे सभी दुखों से बचाते हैं और अपना सच्चा सहारा देकर सत्य का मार्ग दिखाते हैं।
ऋषि सुखदेव ने कहा कि शिष्य को भी अपने पूर्ण परब्रह्म सतगुरु से सच्चा प्रेम करना चाहिए, क्योंकि सतगुरु में पूर्ण श्रद्धा, अटूट निश्चय और पक्का विश्वास ही शिष्य को अमृत की प्राप्ति करवाते हैं। इस अवसर पर डॉ. सुखपाल सिंह, दीनानाथ गर्ग, ओम प्रकाश कंसल, अनिल गोयल, साहिल बंसल, दीपक बंसल, रितिक बंसल, सन्नी बंसल और रमेश कुमार भी मौजूद रहे।