हड़ताल के दौरान शहर में प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी और अधिकारी।
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द युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले के सरकारी बैंकों के 1450 कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पीएनबी की मुख्य शाखा से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। यूनियन ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया हुआ है। दो दिन में बैंकों में जिले में लगभग 1500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होगा। अब सोमवार को ही बैंक खुलेंगे। तीन दिन तक बैंक और एटीएम से पैसे नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को परेशानी होगी।
बैंक यूनियन प्रधान आजाद सिंह मलिक, दलबीर सिंह, विकास जैन, राहुल ने बताया कि बैंक प्रबंधक उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहा है। एक नवंबर 2017 के बाद उनके वेतन में कोई संशोधन नहीं किया गया। पहले हर शनिवार की छुट्टी होती थी, लेकिन सरकार ने बैंक का समय छह दिन कर दिया, उनकी मांग है कि पांच दिन का समय बैंकों का किया जाए। उनके स्पेशल अलाउंस को बैंक में मर्ज किया जाए। नई पेंशन नीति को खत्म करके पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए। उनकी पुरानी पेंशन नीति 1995 में बनी थी, उसको भी अब दुरुस्त किया जाए। बैंक में उनका समय भी निश्चित नहीं है। कई बार तो उन्हें देर रात तक भी काम करना पड़ता है, इसलिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य समय निश्चित किया जाए। बैंकों में इस समय स्टाफ की बहुत कमी है, इसलिए नई भर्तियां की जाएं। मलिक ने कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी कर सकते हैं।
मांगों को लेकर कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल के दौरान पीएनबी की मुख्य शाखा के गेट पर टांगे गे न?- फोटो : Jind