बाबा रामदेव के बयान से नाराज चल रहे आईएमए के पदाधिकारियों ने बुधवार को काले बिल्ले लगाकर काम किया। उन्होंने पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ रोष जताया।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. अजय गोयल व महासचिव डॉ. सुशील मंगला ने बताया कि बाबा रामदेव कोरोना वैक्सीन के बारे में लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। एलोपैथिक चिकित्सकों के बारे में अनाप-शनाप बयानबाजी करके अपमान कर रहे हैं। बाबा रामदेव के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों के अलावा अध्यापक, इंजीनियर व पायलट को भी नहीं बख्शा। उन्होंने अध्यापकों को चाय पीकर चरने वाले, इंजीनियर को नट-बोल्ट कसने वाला व पायलट को ड्राइवर कहकर उपहास उड़ाया है। यह सब बाबा रामदेव के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बाबाओं के कारण भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि खराब हुई है। उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।