संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर की हालात को चौक चौराहों व मुख्य मार्गों पर लगे होर्डिंग व पोस्टरों ने बदहाल बना दिया है। इनकी चपेट से शहर का कोई भी चौक व सड़क नहीं बची है, जिस पर इन पोस्टरों का ग्रहण नहीं लगा हो। चौक-चौराहे ही नहीं, बल्कि मुख्य मार्गों पर शहर की सुंदरता के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइट व सड़क किनारे बने भवनों पर भी पोस्टरों की भरमार है। इसको लेकर नगरपरिषद बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। नगर परिषद कार्रवाई के नाम खानापूर्ति कर रही है।
शहर की बदहाली में खुद नगरपरिषद की चेयरमैन भी शामिल हैं, जिसके चलते नगरपरिषद के मुख्य गेट के सामने व गोहाना रोड पर पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह के सामने खुद नगरपरिषद के चेयरमैन के होर्डिंग टंगे हुए हैं। इनको उतारने की हिम्मत भी नगर परिषद नहीं जुटा रही। इसके अलावा धार्मिक, राजनीतिक, निजी प्रचार के पोस्टरों की शहर में भरमार है।
सता पक्ष के लोगों के पोस्टर हटवाने में कर्मचारी भी अपनी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। शहर में नगर परिषद ने पोस्टर व होर्डिंग लगाने के कुल 24 स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनके लिए यूनिपोल लगाए गए हैं। यहां पर विज्ञापनों व होर्डिंग लगाने के लिए नगर परिषद से ऑनलाइन ठेका लिया जाता है, जिसके बाद ठेकेदार यहां पर होर्डिंग व पोस्टर लगवाने के लिए निर्धारित समय के लिए शुल्क लिया जाता है। इन यूनिपोल के अलावा शहर में जहां पर भी पोस्टर व होर्डिंग लगते हैं। वह सभी शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने का काम करते हैं।
शहर के गोहाना रोड, सफीदों रोड, भिवानी रोड, पटियाला चौक समेत शहर के अंदर गुजरने वाली सड़क पर लगी ग्रिल व स्ट्रीट लाइट पर बिना किसी की अनुमति के राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग आए दिन होर्डिंग व बैनर लगाते हैं। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारी भी इनको हटाने में लंबा समय लगा देते हैं। इसके चलते हर किसी ने शहर के इन मार्गों को अपनी धरोहर समझकर होर्डिंग व बैनर लगाने से पीछे नहीं हट रहे।
शहर में जहां पर भी अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं, उनको जल्द हटवा दिया जाएगा। अगर किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक पार्टी या फिर अन्य संस्थान को अपने होर्डिंग लगाने हैं तो शहर में निर्धारित किए गए सभी 22 यूनिपोल पर लगाए जा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शुल्क देकर मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति सड़क पर लगी ग्रिल, पोल व अन्य किसी भवन पर प्रचार सामग्री नहीं लगा सकता।
-अनिल कुमार सीएसआई नगर परिषद जींद।