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वैक्सीन लगवाने के लिए लाइन में लगने पर गर्मी लगी तो समझ में आई दूसरों की परेशानी, फिर अस्पताल को भेंट किए दस कूलर

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कहते हैं कि लोहे का स्वाद लुहार को नहीं घोड़े को पता होता है, जिसके मुंह में लोहे की लगाम होती है। ऐसे ही दूसरों का दर्द समझा है शहर के व्यवसायी राजीव गोयल ने। दरअसल राजीव गोयल तीन मई को अपनी पत्नी मनीला के साथ कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने गए थे। यहां पर उन्हें बहुत गर्मी लगी और दूसरे लोगों को भी गर्मी में बेहाल देखा। इस पर उन्होंने फैसला लिया कि वे लोगों की मदद के लिए कुछ करेंगे। इस पर उन्होंने वीरवार को 10 कूलर नागरिक अस्पताल में भेंट किए। बता दें कि राजीव गोयल का कूलर का ही कारोबार है।
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राजीव गोयल के अनुसार वह अपनी पत्नी मनीला के साथ तीन मई को नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में टीका लगवाने के लिए गए थे। वैक्सीन लगवाने आए लोगों की भीड़ में उनका लगभग एक घंटे बाद नंबर आया। इस दौरान वहां पर उन्होंने देखा की गर्मी में सभी लोग परेशान हैं। इसको देखकर उनके मन में कोरोना के मरीजों तथा वैक्सीन लगवाने के लिए आए लोगों की सहायता करने का विचार आया। इस नेक काम में उनकी पत्नी ने भी उनका हौसला बढ़ाया और नागरिक अस्पताल में मरीजों व चिकित्सकों की सहायता के लिए अपनी कंपनी के 10 कूलर भेंट करने का निर्णय लिया। उन्होंने वीरवार को 10 कूलर नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. मनजीत को भेंट किए। इस दौरान कंपनी के मैनेजर मिलकराज ने कूलर पहुंचाए। नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन ने बताया कि आज देश और प्रदेश में इस तरह के समाज सेवकों द्वारा कोरोना मरीजों की सेवा के लिए जो दान दिया जा रहा है, उसकी जरूरत भी है। सभी समाजसेवकों को चाहिए की वे राजीव गोयल की तरह जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए।
लोगों से भी अधिक परेशान स्टाफ
गोयल ने कहा कि टीका लगवाने वाले लोग तो एक घंटे के बाद चले जाते हैं, लेकिन टीकाकरण करने वाले स्टाफ को तो दिनभर यहीं बैठना होता है। ऐसे में कूलर से कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। राजीव गोयल के अनुसार भविष्य में भी जब उनकी जरूरत होगी वे जनसेवा के लिए तैयार रहेंगे।
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मरीजों और तीमारदारों की सहायता के लिए बढ़े मदद के हाथ
अहिरका गांव निवासी दो भाइयों ने दी एक हजार पानी की बोतलें
ोरोना संक्रमण के बीच लोगों को हो रही परेशानी के साथ ही मदद करने वाले भी आगे आने लगे हैं। ऐसे ही कोरोना मरीजों व उनके परिजनों की मदद के लिए अहिरका गांव निवासी दो भाइयों फतेह सिंह व ओमप्रकाश ने मदद का हाथ बढ़ाया है। दोनों भाइयों ने नागरिक अस्पताल में एक हजार पानी की छोटी बोतलें दान की हैं। यह बोतल अस्पताल में सेवा दे रहे अपना रोटी रथ को दी गई हैं। यहां से अस्पताल में आने वाला कोई भी व्यक्ति पानी की सेवा ले सकता है।
फतेह सिंह व ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें पता चला कि सरकारी अस्पताल में काफी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज दाखिल हैं। इनके साथ ही इनके परिजन भी यहां रह रहे हैं। उनको पानी के लिए दिक्कत नहीं हो इसलिए पानी की बोतल दान दी हैं। दोनों भाइयों ने कहा कि इस संकट के समय में हर किसी को अपने सामर्थ्य के अनुसार सहयोग देना चाहिए। वहीं अपना रोटी रथ संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश राठौड़ ने बताया कि आए दिन लोग यहां मदद के लिए आ रहे हैं। इस अवसर पर बलवान सिंह, अशोक, गौरव, नंदलाल और हैप्पी मौजूद रहे।
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