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जींद: विधायक नहीं मिले तो सरपंचों ने लगाया जाम

Tue, 14 Feb 2023 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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ई-टेंडरिंग के विरोध में नेहरू पार्क में बैठक करने के बाद विधायक को ज्ञापन देने उनके आवास पहुंचे सरपंचों को विधायक नहीं मिले। आधा घंटा इंतजार के बाद भी विधायक नहीं आए तो गुस्साए सरपंचों ने रुपया चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर विधायक सरपंचों के बीच पहुंचे और उनकी बात सुनकर उनका मांग पत्र लिया। जिसके बाद सरपंच शांत हुए और जाम खोल दिया। लगभग आधा घंटे लगे जाम के कारण यात्रियों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नेहरू पार्क में रोष प्रदर्शन करते हुए सरपंच गोहाना रोड, रानी तालाब, एसडी स्कूल होते हुए विधायक आवास पर पहुंचे। यहां विधायक नहीं मिले तो सरपंचों ने रुपया चौक पर जाम लगा दिया। बाद में विधायक मौके पर पहुंचे और सरपंचों से ज्ञापन लिया। सरपंचों ने कहा कि 20 फरवरी से शीतकालीन सत्र में शुरू हो रहा है। ऐसे में विधायक उनकी मांगों को विधानसभा में जोरशोर से उठाएं। जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की प्रधान प्रीति मनोहरपुर, हैबतपुर के सरपंच रिषिपाल, मांडोखेड़ी के सरपंच अनिल ने कहा कि सरपंच गांवों की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। जिनका काम गांव में विकास कार्य कराना है लेकिन सरकार के अडिय़ल रवैये के कारण गांवों में विकास कार्य अटके हैं। यदि सरकार अपने दोनों फैसले वापस लेती है तो गांवों में विकास कार्य शुरू हो सकेंगे, जो पिछले दो साल से भी ज्यादा समय से बंद पड़े हैं। सरपंचों ने ऐलान किया हुआ है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, ग्राम पंचायत के खातों में आई ग्रांट की राशि का प्रयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरपंच 25 हजार रुपये मानदेय, ई.टेंडरिंग को रद्द कर 25 लाख रुपये तक की मैनुअल पावर सरपंचों दिए जाने, राइट टू रिकाल को रद्द करने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं और एक भी दिन सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बात करने के लिए नहीं आया। पंचायत मंत्री द्वारा सरपंचों को चोर कहा जा रहा है जो कि सरासर गलत है।
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समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
सरपंचों ने कहा कि अगर विधानसभा सत्र में सरपंचों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इसका संकेत खाप पंचायतों द्वारा दिए गए समर्थन से सरकार को मिल चुका है, लेकिन सरकार गांव का विकास नहीं करवाना चाहती, जिसके चलते सरपंचों पर यह शर्त थोपी जा रही है।
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