फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू नहीं हुई तो आज हाईवे जाम करेंगे किसान

विज्ञापन
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर क्रमिक अनशन पर बैठे किसान। - फोटो : Jind
विज्ञापन
जींद/नरवाना/जुलाना/उचाना । कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटना के बाद प्रदेश के कुछ जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई हैं। सोमवार को जींद-लुधियाना नेशनल हाईवे स्थित खटकड़ टोल प्लाजा पर धरना दे रहे अन्नदाताओं ने केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा कि अब भले ही पुलिस उन पर गोलियां-डंडे बरसाये या फिर इंटरनेट बंद कराये, वह रुकने वाले नहीं हैं। आंदोलन को लेकर जन-जन का जो कारवां घरों से बाहर निकला है, वह अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा। किसानों ने कहा कि अगर मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल नहीं हुई तो मंगलवार को हाईवेज जाम किया जाएगा।
विज्ञापन

इससे पहले खटकड़ टोल प्लाजा के नजदीक सोमवार को किसानों ने इंटरनेट बाधित करने के विरोध में दो बजे हाईवे जाम की चेतावनी दी। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश कुमार, उचाना डीएसपी जितेंद्र और तहसीलदार रामचरण टोल प्लाजा पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत करके आश्वासन दिया कि इंटरनेट बहाल करने के लिए वह चंडीगढ़ बात करेंगे। इसके बाद किसानों ने जाम को स्थगित कर दिया। किसान नेता कैप्टन भूपेंद्र जागलान, कैप्टन वेदप्रकाश बरसोला, कृष्ण सफाखेड़ी, आजाद पालवां, सतबीर बरसोला, विकास सफाखेड़ी ने कहा कि यदि इंटरनेट को जल्द ही बहाल नहीं किया गया तो मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे को जाम कर दिया जाएगा। इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।
किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा आए दिन ओछे हथकंडे अपनाकर आंदोलनकारियों के मनोबल को तोड़ना चाहती है। किंतु भाजपा सरकार जितने हथकंडे अपनाएगी, उतने ही अन्नदाता घरों से बाहर निकलकर मोर्चा संभालेंगे। यह आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक तीनों काले कानून सरकार वापस नहीं लेती।
विज्ञापन

अन्ना हजारे को लिखी चिट्ठी : खटकड़ टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने अन्ना हजारे को चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी में किसानों ने कहा कि अन्ना हजारे जी आपने 30 जनवरी 2021 से किसान आंदोलन के समर्थन में अनशन का एलान किया था, आप अपनी घोषणा अनुसार अनशन पर नहीं बैठे, इसलिए आपसे किसान भाइयों की अपील है कि अन्नदाताओं के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई में सहयोग करें।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का क्रमिक अनशन जारी
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के लिए बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का क्रमिक अनशन लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को किसान नाहर सिंह, सुरजीत सिंह, बचना, मुकेश व बिंद्र अनशन पर रहे। वहीं, इंटरनेट सुविधा शुरू कराने की मांग के लिए किसानों ने रोड जाम की चेतावनी भी दी।
इसकी सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी टोल प्लाजा पर पहुंचे और किसानों के साथ बैठक की। बैठक में एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी. ताहिर हुसैन, नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, सदर थाना प्रभारी सोमवीर ढाका, किसान नेता मास्टर बलवीर सिंह, रणधीर मोर, रघुवीर नैन, पृथ्वी सिंह, रिशाल सिंह, धर्मपाल चहल मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों ने इंटरनेट सुविधा बहाल करने की मांग की। एसडीएम सुमित सिहाग ने किसानों की मांग को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखकर समाधान करने का आश्वासन दिया। किसानों ने कहा कि यदि सोमवार शाम तक इंटरनेट सुविधा बहाल नहीं की गई तो मंगलवार को रोड जाम किया जाएगा।
जुलाना बारहा खाप पंचायत ने लिया फैसला: भाजपा-जजपा नेताओं और मोबाइल नेटवर्क कंपनी का किया बहिष्कार
जींद-रोहतक मार्ग पर बस स्टैंड के पास जुलाना बारहा खाप की एक पंचायत अमरनाथ की अध्यक्षता में हुई। पंचायत में सबसे पहले पत्रकारों की गिरफ्तारी, इंटरनेट बंद करने और किसानों को गिरफ्तार पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि खाप के 12 गांवों में एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी, जजपा व भाजपा नेताओं का बहिष्कार किया जाता है। इसके अलावा पंचायत में किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए 24 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसके लिए हर गांव से चंदा इकट्ठा किया जाएगा।
बारहा खाप के प्रधान राजमल जेई ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। सरकार से 10 वार्ताएं होने पर भी कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया। वहीं किसान नेताओं पर ही मामले दर्ज किए हैं। इसे किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। तीन फरवरी को कंडेला आ रहे राकेश टिकैत से पहले एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और जुलाना में कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
उधर, जाट धर्मशाला में किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए विभिन्न वर्गों की बैठक हुई। अध्यक्षता वीरभान ढुल ने की। बैठक में पत्रकार मनदीप पूनिया की गिरफ्तारी, इंटरनेट बंद करने, किसान व अन्य युवाओं की गिरफ्तारी, किसानों के ट्रैक्टर जब्त करने, सिंघु बॉर्डर पर भाजपा व आरएसएस के लोगों द्वारा हिंसा करने, गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा के दो विधायकों द्वारा किसानों पर पत्थरबाजी करने की कड़ी निंदा की गई। इसके अलावा मंगलवार को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला और भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की तीन फरवरी को होने वाली बैठकों को सफल बनाने का एलान किया गया।
किसान नेता किताब सिंह भनवाला ने कहा कि जिन-जिन पार्टियों ने अब तक किसान आंदोलन का समर्थन नहीं किया है, उन सभी का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में कश्मीर मोर, खजान सिंह, राममेहर रेढू, दलबीर रेढू, मियां सिंह, हवा सिंह नेहरा, चांदरुप मलिक, महेंद्र सिंह जागलान, जयनारायण, रामभज पहल, राय सिंह, प्यारेलाल, नेहरु मलिक, मदन मलिक, सत्यदेव सिंहमार, जयसिंह रेढू, सज्जन कुंडू, हवासिंह, रामकुमार देशवाल, सतबीर सिंह, सूरज किरण, फतेह सिंह, मनफूल सिंह, धर्मसिंह जागलान आदि मौजूद रहे।
दिल्ली बॉर्डर को निकलने लगे पंजाब के पैदल व ट्रैक्टर जत्थे
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर दिल्ली के सिंघु, टीकरी व गाजियाबाद बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के पंजाब के किसानों के पैदल जत्थे जींद से निकलना शुरू हो गए हैं। सोमवार को पंजाब के ग्रामीणों का ट्रैक्टरों के साथ निकलना जारी रहा। ट्रैक्टरों के पीछे ट्रालियों में खाद्य सामग्री भी लदी होती है। पंजाब के संगरूर जिले के युवा किसान बलविंद्र सिंह व यादवीर सिंह का कहना है कि हमारी बस एक ही मांग है कि खेती के लिए केंद्र सरकार जो कृषि कानून लेकर आई है, वह रद्द किए जाएं।

अन्ना हजारे को चिट्ठी लिखते किसान। संवाद- फोटो : Jind

खटकड़ टोल प्लाजा पर बैठीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind

पंचायत में हाथ खड़े करके सभी फैसलों पर सहमति जताते लोग। संवाद- फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें