जींद। पिछले सप्ताह नई दिल्ली भेजी गई हाइड्रोजन ट्रेन अब जींद लौट आई है। ट्रेन को शनिवार सुबह डीजल इंजन के साथ जींद लाया गया है। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच हुई है। उम्मीद है कि जल्द सोनीपत रूट पर ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी।
सोनीपत रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल 25 से 28 फरवरी तक हो चुका है। शनिवार को हाइड्रोजन ट्रेन को सीधे उसके इंजन से नहीं चलाया गया बल्कि डीजल इंजन जोड़कर लाया गया। सोनीपत तक ट्रैक का ट्रायल पूरा कर चुका है। इस दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नल सिस्टम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल सफल रहा है। आने वाले दिनों में ट्रेन की अन्य तकनीकी जांच और तैयारी पूरी की जाएगी ताकि इसे जल्द से जल्द चलाया जा सके। शुरुआत में पांडु पिंडारा जंक्शन तक डीजल इंजन से ले जाया गया था। पांडु पिंडारा से आगे ललित खेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन के साथ ट्रायल हुआ।
दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया था। इस दौरान स्पीड 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा थी। फिर पिंडारा पहुंचने के बाद गोहाना से आगे मोहाना तक डीजल इंजन के साथ ही ट्रेन को ले जाया गया था। इसके बाद वापसी में ट्रेन को हाइड्रोजन इंजन के साथ चलाया गया। वहीं 26 फरवरी को जींद से सोनीपत जाते समय ट्रेन की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी।
वहीं वापस आते समय ट्रेन 85 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ी। पांडु पिंडारा और ललितखेड़ा के बीच ट्रेन ने दो चक्कर लगाए थे। 27 फरवरी काे ट्रेन की बिना पानी कैन के ट्रायल की गई थी। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच हुई है। सात मार्च को तकनीकी सुधार व मेनटेंनस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन काे शकूरबस्ती दिल्ली भेजा गया था।
फिलहाल प्लांट में इलेक्ट्रो फायर भी खराब पड़ा है जिससे प्लांट में अच्छी गुणवत्ता वाली गैस उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रो फायर वाल्व खराब बताई जा रही है। इसे ठीक करने के लिए बाहर से तकनीकी कर्मचारी को बुलाया जाएगा।