खेत में धान की रोपाई करते मजदूर। संवाद
जींद। उमस भरी गर्मी से आमजन बेहाल हैं। 10 दिन पहले कुछ समय के लिए बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद से नहीं हुई। वहीं नहर में पानी नहीं आ रहा है, जिससे किसानों को धान की रोपाई करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान महंगा डीजल खरीदकर ट्यूबवेल चा रहे हैं। रविवार को अधिकतम 36 तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति छह किलोमीटर प्रतिघंटा रही, जबकि हवा में नमी की मात्रा 54 प्रतिशत रही। हवा में नमी की मात्रा अधिक होने से उमस बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार चार दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। शहर के सबसे व्यस्त गोहाना और सफीदों रोड पर इक्का-दुक्का लोग ही चलते नजर आते हैं। गर्म हवा चलने के कारण लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस होती है और पसीना सूखने का नाम नहीं लेता है। किसान रोहताश, सुनील ने कहा कि उन्होंने धान की रोपाई कर दी है। उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट तक जारी किया है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में उन्हें ट्यूबवेल की मदद लेकर धान फसल के लिए पानी की व्यवस्था करना पड़ रही है।
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. राजेश ने कहा कि 18 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। किसानों को चाहिए कि वह दिन के समय फसलों में पानी बिल्कुल न दें। धान की नियमित सिंचाई करते रहें।