फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: स्वच्छता सर्वेक्षण में कैसे बढ़ेगी शहर की रैंकिंग, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर

Sun, 02 Jul 2023 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। स्वच्छता सर्वेक्षण की केंद्रीय टीम इसी महीने शहर का दौरा कर नागरिकों से फीडबैक लेगी लेकिन स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कोई तैयारी नहीं नजर आ रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। समय से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। यहां तक कि शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत भी खराब है। ऐसे में इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में जींद शहर का पिछड़ना लगभग तय माना जा रहा है। हालत यह है कि खुद शहर के पार्षद भी शहर की सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान से संतुष्ट नहीं हैं।
स्वच्छता रैंकिंग के लिए 900 अंक तय हैं। इसमें अकेले सिटीजन फीडबैक के 600 अंक होते हैं। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए इसी माह नागरिकों से सफाई को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय टीमें नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्र में जाकर शहरवासियों से जानकारी एकत्र करेंगी। शहरवासी पांच तरीके से अपना फीडबैक दे सकते हैं। इनमें ऑनलाइन अपने शहर, वार्ड से सफाई व्यवस्था से संबंधित चार सवालों के जवाब दर्ज करवाएंगे। अब देखना यह होगा कि शहर के लोग नगर परिषद को कितना अच्छा मानते हैं। सिटीजन फीडबैक के अलावा शहर की सफाई व्यवस्था और सर्वेक्षण की तैयारी के लिए सर्वेक्षण टीम अन्य बिंदुओं पर भी डाटा एकत्रित करेगी। इसमें पार्कों की सफाई, आत्मनिर्भर वार्ड, ब्रांड अंबेसडर बनाना, गीले व सूखे कचरे की प्रोसेसिंग, स्वच्छता चैंपियनशिप, स्वच्छ वार्ड रैकिंग, सर्वेक्षण 2023 को लेकर आर्ट वर्क, हवा से डस्ट कम करना, सुंदरीकरण, स्लम बस्तियों में सोशल ग्रुप की ओर से सफाई अभियान चलाना, इनोवेशन, स्वच्छ टेक्नालॉजी चैलेंज, स्वच्छता एप के माध्यम से शिकायतों का निपटारा करना शामिल रहेंगे।
विज्ञापन

बॉक्स

शौचालयों की हालत खराब
शहर में 15 सार्वजनिक शौचालय हैं जबकि जनसंख्या दो लाख से अधिक है। इस हिसाब से सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बहुत कम है। कई शौचालयों की हालत खराब है। कई जगह पानी की व्यवस्था भी नहीं है। इनकी देखरेख खुद नगर परिषद करती है लेकिन सफाई बहुत कम हो रही है।


बॉक्स

नागरिक ऐसे दे सकेंगे फीडबैक
स्वच्छता को लेकर नागरिकों को शहरवासी स्वच्छता एप, क्यूआर कोड, वोट फॉर योर सिटी वेब पोर्टल, वोट फॉर योर सिटी एप, माई जीओवी वेबसाइट पर जाकर चार सवालों के जवाब दर्ज कराने होंगे। क्या आपके घर से कचरे का कलेक्शन प्रतिदिन होता है, क्या आप सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके कर्मचारी को देते हैं, क्या आपके पड़ोस का क्षेत्र हमेशा साफ रहता है और क्या आप गूगल पर नजदीक के सार्वजनिक शौचालय सर्च कर सकते हैं? के जवाब हां या ना में देने होंगे। इसके लिए नगर परिषद प्रशासन को शहरवासियों को जागरूक करना होगा। उन्हें इसका उपयोग करना और फायदा बताना होगा ताकि लोग इसके बारे में जाने और अपना फीडबैक दें।
विज्ञापन

वर्जन

इसी माह स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आएगी। सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। यदि फिर भी कहीं सफाई की कमी होगी, तो करवा दी जाएगी। कूड़ा उठान के बारे में सख्त निर्देश दिए गए हैं। शहर में कूड़ा कई स्थानों पर इकट्ठा करके यहां से ट्रॉलियों में लोड किया जाता है। ठेकेदार को बोलकर कूड़ा डंपिंग साइट की सफाई के लिए कहा जाएगा।-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें