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बागवानी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को किया जागरूक

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शिविर में मौजूद किसान। संवाद - फोटो : Jind
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बागवानी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। उद्यान विभाग द्वारा खरकबुरा व कालवन गांव में जिला उद्यान अधिकारी डॉ. विजय पानु की अध्यक्षता में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर सामान्य दूरी वाले बागों के लिए जिसमें बेर, चीकु, लीची, आंवला, आडू व नाशपाती के लिए प्रति एकड़ लगभग 65 पौधे लगाने पर प्रथम वर्ष 19500 रुपये, द्वितीय वर्ष 6500 रुपये व तृतीय वर्ष 6500 रुपये अनुदान राशि दी जाती है। सघन बाग के लिए जिसमें आम, अमरुद, नींबू, अनार, अलुचा, नाशपाती, अंगुर, पपीता एंव ड्रैगन फ्रुट के लिए प्रति एकड़ प्रथम वर्ष 30 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष दस हजार रुपये व तृतीय वर्ष दस हजार रुपये अनुदान राशि देने का प्रावधान है। धान के स्थान पर बाग या सब्जी की खेती करने वाले किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत सात हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक बढ़ चुकी है। विभाग द्वारा प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों के आमदनी बढ़ सके। जिला बागवानी सलाहकार डॉ. असीम जांगड़ा ने कहा कि अगर कोई किसान सब्जियों की खेती बांस स्टेकिंग व प्लास्टिक मलचिंग ड्रिप सिंचाई के साथ करता है तो सामान्य वर्ग के किसान को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति के किसान को 85 प्रतिशत अनुदान राशि देने का प्रावधान है। एक एकड़ में बांस लगाकर बेल वाली सब्जियों की खेती करने पर सामान्य किसान को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचति जाति के किसान को 85 प्रतिशत अनुदान राशि देने का प्रावधान है। इस अवसर पर उद्यान विकास अधिकारी डॉ. दीपक ने कहा कि बागवानी स्कीम का लाभ लेने के लिए मेरी फ सल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसान का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
इस अवसर पर सुरेंद्र, कपिल, रवि, ईश्वर, विक्की व दलबीर मौजूद रहे।
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