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Jind News: बजट में सस्ती खाद, बीज समय पर उपलब्ध करवाने की आस

Sat, 24 Jan 2026 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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24जेएनडी02 रामराजी ढुल।
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जींद। सरकार फरवरी में बजट जारी करेगी। इससे पहले किसानों को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। एक तो प्रदेश में गन्ने के भाव बढ़ाने, खाद और बीज समय पर उपलब्ध करवाने, प्रदेश में कृषि उपकरणों व खेती से जुड़ी हर वस्तु पर कर कम करने, किसानों को अनुदान पर बेहतर बीज उपलब्ध करवाने की किसानों को उम्मीद है।
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किसानों का कहना है कि खेतों में बिजली 24 घंटे उपलब्ध करवाई जाए ताकि खेती करना आसान हो। पानी के अभाव में फसलों को सूखने से बचाया जा सके। किसान के लिए बिजली कनेक्शन आसानी से उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए किसानों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। किसानों की फसल खराब होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए ताकि किसान के परिवार का फसल खराब होने पर पालन पोषण हो सके।

खेती से जुड़ी हर वस्तु से कर खत्म किया जाए ताकि किसान खेती से संबंधित हर उपकरण को आसानी से खरीद सके और किसान को सस्ती खेती उपलब्ध हो सके। किसान को हर फसल का बीज उस फसल के भाव से कई गुणा महंगा दिया जा रहा है। इसके चलते किसान बेहतर बीज उगाने से दूर होता जा रहा है। सरकार को चाहिए कि किसानों को अनुदान पर बेहतर क्वालिटी का बीज उपलब्ध करवाया जाए।-फूल सिंह श्योकंद।
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किसान खेती करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने के लिए वर्षों तक निगम कार्यालय के चक्कर काटता है लेकिन उसको कनेक्शन नहीं मिल पाता। इसके लिए सरकार को इस बजट में प्रावधान करना चाहिए कि किसान को आवेदन के एक माह के अंदर कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए इस बजट में सरकार को नीति बनाने की जरूरत है ताकि किसान के लिए खेती आसान हो सके।-धर्मबीर रेढू।



फसल के खराब होने पर किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान बजट में सरकार को करना चाहिए। किसान से ही देश और प्रदेश की सरकार चलती है। यदि सरकार ने किसान की अनदेखी की तो इसका प्रभाव भी सरकार पर ही पड़ेगा। कई बार ज्यादा बरसात, आगजनी व बीमारियों के कारण फसलें खराब होने पर किसानों को नाममात्र ही मुआवजा दिया जाता है। इसको बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाए।-रामराजी ढुल।



प्रदेश में गन्ने के भाव को लेकर किसान आंदोलन कर चुके हैं लेकिन सरकार ने केवल दस रुपये कीमत बढ़ाकर किसानों को गुमराह किया है। सरकार को चाहिए कि इस बजट में गन्ने के भाव को 450 रुपये क्विंटल कर किसानों को बजट में तोहफा दिया जाए। इसके अलावा किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि समय पर खाद, बीज व कीटनाशक मिल सके। इनके लिए किसानों को हर वर्ष लाइनों में लगना पड़ता है। किसान को जरूरत के समय खाद व बीज भी उपलब्ध नहीं होते।-गुरजिंद्र संधू माजरा खाप प्रधान।



प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए इस बजट में बेहतर प्रावधान करे। किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए सस्ती दवाईयां, कीटनाशक व खेती उपकरणों पर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। इसके अलावा प्रदेश में फसलों के दाम में वृद्धि की जाए ताकि किसान को फसल से बेहतर आमदनी प्राप्त हो सके।-राजीव बैरागी।



जिले के अधिकतर क्षेत्र में भूमिगत पानी अच्छा नहीं होने के कारण फसल खत्म हो रही हैं। सरकार से बजट में उम्मीद है कि किसानों के लिए नहरी पानी बढ़ाया जाए ताकि किसान की फसल को सूखे के प्रकोप से बचाया जा सके। इसके अलावा फसलों के भाव में वृद्धि की जाए, कीटनाशक और खाद बीज से कर को हटाया जाए जिससे किसान की आमदनी को इजाफा हो।- सुदेश कंडेला किसान नेता।



किसानों को कृषि के उपकरणों के लिए बिना ब्याज के लोन सरकार उपलब्ध करवाया जाए ताकि किसान खेती की जरूरत के लिए बेहतर उपकरणों को आसानी से खरीद सकें। महंगे ब्याज के चलते किसान खेती के लिए अच्छे उपकरण नहीं खरीद पाते। इससे फसलों में भी नुकसान होता है। पुराने कर्ज माफ कर नए कर्ज देने चाहिए। सरकार उद्योगपतियों के कर्ज लगातार माफ कर रही है लेकिन किसान की तरफ कोई ध्यान नहीं है। सरकार को चाहिए की बजट में इस बार किसानों के बकाया ऋण माफ हों। -छज्जूराम किसान नेता।

24जेएनडी02 रामराजी ढुल।

24जेएनडी02 रामराजी ढुल।

24जेएनडी02 रामराजी ढुल।

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24जेएनडी02 रामराजी ढुल।

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