फोटो 12जेएनडी03-संत शिरोमणि श्री सैन भगत राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद स्टा
जींद। संत शिरोमणि श्री सैन भगत राजकीय महाविद्यालय में सोमवार को मेंटर-मेंटी एवं अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन एक अच्छी पहल के रूप में सामने आया। महाविद्यालय स्तर पर पहली बार आयोजित इस तरह के कार्यक्रम में अभिभावकों के साथ दादा-दादी और नाना-नानी ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर उनके व्यवहार और व्यक्तिगत विकास तक से जुड़े पहलुओं पर शिक्षकों और परिवार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी सत्यवान मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, अनुशासन और शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा की गई। शिक्षकों, अभिभावकों और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों ने विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
प्राचार्य सत्यवान मलिक ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद जरूरी है। जब घर और कॉलेज दोनों जगह विद्यार्थी की प्रगति पर ध्यान दिया जाएगा तो उसकी कमजोरियों को समय रहते पहचानकर दूर किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. लाभ सिंह ने कहा कि ऐसी बैठकें विद्यार्थियों की शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रभावी माध्यम हैं। वहीं, मुख्य मेंटर प्रो. ज्योति श्योराण ने मेंटर-मेंटी व्यवस्था को विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने और उनकी प्रतिभा निखारने में महत्वपूर्ण बताया।
इस पहल से होंगे कई फायदे
बैठक में परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की भागीदारी से विद्यार्थियों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मिला। इससे पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान, नियमित उपस्थिति में सुधार, अनुशासन संबंधी समस्याओं के समाधान और विद्यार्थियों की रुचि व क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन देने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के आयोजन में पूनम देवी, सुनीता मेहरा, इंदु मेहरा और कमलदीप ने सहयोग दिया। अंत में प्रो. ज्योति श्योराण ने सभी मेंटर्स, अभिभावकों और वरिष्ठजनों का आभार जताया।