संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नगर परिषद की लापरवाही के कारण महापुरुषों के स्मृति स्थल को राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने होर्डिंग केंद्र बना दिया है। इसके चलते इन महापुरुषों की प्रतिमाओं को नेताओं की फोटो ने पूरी तरह से ढक दिया है। इससे राहगीरों को महापुरुष तो नहीं बल्कि राजनेताओं के बैनर ही यहां दिखाई देते हैं। इतना सबकुछ होते हुए भी नगर परिषद के कर्मचारी अंजान बने हुए हैं।
नगर परिषद की ओर से होर्डिंग व बैनर लगाने के लिए शहर में 22 साइटों पर 24 यूनीपोल लगाए हुए हैं। यहां पर कोई भी राजनीतिक दल या कंपनी का प्रतिनिधि अपनी प्रचार सामग्री निर्धारित रेट पर निर्धारित समय के लिए लगा सकता है।
इसके बावजूद भी राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्ति विशेष की धारणा बन चुकी है कि वह शहर की सुंदरता को बिगाड़ने के लिए शहर के अंदर सड़कों पर लगी ग्रील, पोल या फिर महापुरुषों की प्रतिमा पर ही प्रचार सामग्री चस्पा कर रहे हैं। इनको रोकने व जुर्माना करने का अधिकार नगर परिषद को है, लेकिन शायद ही आज तक नगर परिषद ने शहर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ करने वालों पर जुर्माना लगाया हो। नगर परिषद के अधिकारियों की इस कुंठित सोच के कारण आए दिन शहर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ करने वालों के हौंसले बढ़ रहे हैं।
रानी तालाब पर डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक बना बड़ा केंद्र
रानी तालाब पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा होर्डिंग व बैनर लगाने का अड्डा बन चुका है। इसके अलावा सफीदों रोड पर भगवान परशुराम की प्रतिमा का भी यही हाल है। इसके कारण यहां भगवान परशुराम कम और होर्डिंग ज्यादा दिखाई देते हैं। इनको लेकर कई बार सामाजिक संगठन व समाज के लोग आपत्ति भी जता चुके हैं, लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण यहां पर कोई सुधार करने के लिए आगे नहीं आता।
कोट
अवैध होर्डिंग व बैनर को हटवाने के लिए नगर परिषद ने कमेटी का गठन किया हुआ है। शहर में जहां पर भी अवैध होर्डिंग व बैनर लगे हैं। उनको उतरवाया जाएगा। समय समय पर उनकी टीम शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए अवैध होर्डिंग व बैनर को उतरवाने का काम करती है। अब शहर में जिस भी चौक चौराहे या महापुरुषों की प्रतिमा पर बैनर लगे हैं। उनको हटवाया जाएगा।
अनिल कुमार चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर परिषद जींद।