जींद। हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। पिछले चार साल से जिले में कोई मलेरिया का मामला सामने नहीं आया है। डेंगू के मामलों में भी दो वर्ष से कमी आ रही है। सबसे ज्यादा 2015 में डेंगू के 668 मामले आए थे। इतने अधिक डेंगू के मामले कभी नहीं आए। डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को इन मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके अलावा मच्छरों की रोकथाम के लिए उपाय बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुधवार को विकास नगर, हनुमान नगर, जवाहर नगर, रूप नगर, अपराही मोहल्ला, राज नगर, इंदिरा काॅलोनी, शर्मा नगर में घर-घर जाकर लोगों को मच्छर जनित रोगों और डायरिया, उल्टी दस्त जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव की जानकारी दी और ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की। इस दौरान घरों के कूलरों व पानी की टंकियों की जांच भी की। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि घर-घर किए सर्वे के दौरान बुखार से पीड़ित 17 मरीजों के खून के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अक्सर अपने घर व आसपास साफ सफाई पर ध्यान रखने की बजाय लापरवाही करते हैं, उन्हीं क्षेत्रों में उक्त बीमारियां ज्यादा फैलने की आशंका रहती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी गुरनाम, दिनेश वर्मा, पवन कुमार, जगदीप, मनफूल, ओमप्रकाश, सूरजमुखी, राजरानी, मंजूरानी, मुकेश रानी, रानी, नीलम, शीला, राधा, पूनम, आरती, सीता, सुमन मौजूद थी।
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वर्ष मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया
2015 45 668 0
2016 17 157 15
2017 27 135 0
2018 17 98 0
2019 3 47 0
2020 0 28 1
2021 0 622 1
2022 0 535 1
2023 0 340 5
2024 0 0 0
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मलेरिया के केसों पर जिले में अंकुश लगा है, लेकिन डेंगू के केस अब भी आ रहे हैं। पिछले साल डेंगू के 340 मामले आए थे। इस बार स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच के काम में लगी हुई हैं। लोगों को भी चिकनगुनिया, डेंगू व मलेरिया पर अंकुश लगाने के लिए सावधानी बरतनी होगी। अपने आसपास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
-डॉ. विजेंद्र ढांडा, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया