अतिक्रमण में फंसे शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर का अतिक्रमण हटाने के लिए अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन को छह महीने का समय दिया है। छह महीने में नगर परिषद को अतिक्रमण हटाकर इसकी स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करनी होगी। शहर में अतिक्रमण हाटाने के लिए टीम अन्ना द्वारा लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में टीम अन्ना ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी लगाकर शहर का अतिक्रमण हटवाने की गुहार लगाई थी। इस पर पिछले साल दिसंबर महीने में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू भी किया, लेकिन यह पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार जींद प्रशासन को 14 जुलाई को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी थी। इस दौरान हुई सुनवाई में जिला प्रशासन ने शहर का अतिक्रमण पूरी तरह हटाने के लिए छह महीने का और समय मांगा है। इस पर अदालत ने छह महीने का समय देते हुए पूरी तरह अतिक्रमण हटवाने के आदेश दिए हैं।
परिषद ने कहा, हटा रहे हैं अतिक्रमण
अदालत में जिला प्रशासन की ओर से वकील ने बताया कि शहर का अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसमें बैंड मार्केट का अतिक्रमण पूरी तरह हटा दिया गया है। इस पर टीम अन्ना के वकील ने अपनी संतुष्टि भी जताई। वहीं नगर परिषद ने मेन बाजार, हनुमान गली सहित कई अन्य क्षेेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने की बात कही। इस पर टीम अन्ना ने कहा कि शहर में कई जगह अतिक्रमण तो हटाया गया, लेकिन यहां दोबारा से लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। पहले जहां कंक्रीट का अतिक्रमण था, अब वहां पर लोहे की जालियां और सीढ़ियां लग गई हैं। इस पर अदालत ने इसे भी पूरी तरह हटवाने के आदेश दिए हैं।
अतिक्रमण मुक्त शहर बनाने के दिए आदेश
अदालत ने शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए छह महीने का समय दिया गया है। साथ ही अदालत ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि जहां अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वहां दोबारा से अतिक्रमण नहीं हो।
- जसबीर मोर, अन्ना टीम के वकील
छह महीने का दिया समय
शहर का अतिक्रमण अदालत के आदेश पर हटाया जा रहा है। अदालत ने छह और महीने का समय दिया है। निर्धारित समय में अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
- हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जींद।
अनाज मंडी के दुकानदारों को मिली राहत
वहीं अनाज मंडी के दुकानदारों को अदालत से राहत मिली है। दरअसल पिछले माह सुनवाई के दौरान अदालत ने पुरानी अनाज मंडी में अतिक्रमण हटाने के अभियान पर रोक लगा दी थी। इसके बाद नगर परिषद ने अदालत में याचिका दायर कर रोक हटाने की मांग की। दी फूड ग्रेन वेल्फेयर आढ़ती ऐसोसिएशन के प्रधान मनीष गोयल उर्फ बबलू के अनुसार अदालत ने अतिक्रमण हटाने पर लगाई गई रोक हटाने से मना कर दिया। अब इस मामले की सुनवाई 27 जुुलाई को होगी।