सोमवार दोपहर तेज आंधी के साथ आई बारिश राहत कम आफत ज्यादा देकर चली गई। अब सड़क से लेकर गांवों तक प्रकृति की तबाही पसरी पड़ी है। बारिश के साथ आए तेज तूफान में पेड़ व बिजली के पोल टूट गए। तेज हवा अपने साथ काफी घरों की छत भी उड़ाकर ले गई। जुलाना समेत जिले के करीब तीन दर्जन गांव में दो दिन से अंधेरा छाया है। पूरे जिले में करीब 700 बिजली के पोल टूटें हैं और करीब दो दर्जन ट्रासफार्मर गिर गए हैं। बिजली सप्लाई को पूरी तरह से बहाल करने में बिजली निगम को एक सप्ताह का समय लगेगा। हालांकि शहरों में बिजली सप्लाई शुरू हो गई है।
फिलहाल मुख्य लाइनों पर काम किया जा रहा है और बुधवार तक मुख्य लाइनों पर बिजली सप्लाई शुरू करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ही खेतों की बिजली लाइनों पर काम किया जाएगा। वहीं बिजली बाधित होने से गांवों में पेयजल संकट भी गहराने की संभावना है। अधिकतर गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल बिजली से ही चलते हैं।
जुलाना में सबसे अधिक नुकसान
सोमवार को आई तेज आंधी से जुलाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बीबीपुर 33 केवी बिजली घर से किनाना बिजली घर में जाने वाली मुख्य बिजली लाइन के अधिकतर पोल टूट गए हैं। इसी लाइन से गतौली बिजली घर में बिजली सप्लाई जाती है। इन दोनों बिजली घरों से करीब डेढ़ दर्जन गांव में बिजली जाती है। सोमवार दोपहर से ही इन गांवों की बिजली सप्लाई ठप्प है।
बिजली कर्मचारी नए पोल लगाने में लगे हुए हैं। वहीं सफीदों व नरवाना डिविजन में भी काफी गांवों में बिजली सप्लाई बाधित है। अभी बिजली सप्लाई कितने दिनों में बहाल होगी, इसके बारें में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। वहीं गोहाना रोड पर पिंडारा फीडर से करीब 16 गांवों में बिजली सप्लाई सोमवार दोपहर से ही ठप्प है। बिजली बंद होने से गांवों में पेयजल संकट गहराएगा। जलघरों में ट्यूबवेलों से घरों में पेयजल सप्लाई होता है। सोमवार को दोपहर से ही बिजली सप्लाई ठप्प है, जिससे घरों में पीने के साथ-साथ घरेलू कार्यों में प्रयोग के लिए पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
जिले में करीब 700 बिजली के पोल टूटे
आंधी की वजह से जिले में करीब 700 बिजली के पोल टूटे हैं और करीब दो दर्जन ट्रासफार्मर गिर गए हैं। शहरों में तो बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है। वहीं नरवाना व सफीदों के कुछ सब डिविजनों में भी बिजली सप्लाई शुरू हो चुकी है। जुलाना व नगूरां में सबसे ज्यादा नुकसान है। पहले मुख्य लाइनों को ठीक करके बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी। खेतों की लाइन को इसके बाद ठीक किया जाएगा।
दलजीत सिंह, एसई
बिजली निगम
घरों की छतें उड़ी, टॉवर टूट कर घर पर पड़ा
सोमवार दोपहर बाद आई आंधी-तूफान और बारिश ने जहां सड़कों पर खड़े काफी पेड़ों को गिरा दिया वहीं कस्बे के आसपास के गावों के लोगों के आशियानों को उजाड़ दिया है। भारी आंधी के कारण घरों की छत गिर गई है। इसके अलावा बिजली के जुलाना सब डिवीजन में 600 से ज्यादा पोल भी गिर चुके हैं जिस कारण बिजली गांव में पूरी तरह से ठप हो गई है।
30 घंटों के बाद बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई थी। बिजली व्यवस्था ठीक होने में अभी एक-दो दिन का समय लगेगा।
सोमवार को दोपहर बाद जुलाना में आई आंधी व बारिश के कारण काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। जींद रोहतक नेशनल हाइवे पर खड़े पेड़ गिरने से एक तरफ हाइवे बाधित हुआ है। वहीं जुलाना के वार्ड पांच में स्थित ऐयरटेल के टॉवर का कुछ हिस्सा टूट कर एक मकान पर जा गिरा। टॉवर से किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
ग्रामीण सोनू, विरेंद्र, रामबीर, बिजेंद्र, राजमल, होशियार सिंह का कहना है कि एक साल पहले भी इसी तरह की घटना घटी थी। इस कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि टावर को आबादी क्षेत्र से बाहर किया जाए। इस संबंध में दर्जनों ग्रामीण एकत्रित होकर उपायुक्त से मिलकर टावर को हटवाने की गुहार लगाएंगे। वहीं गांव किनाना में भी मकान की छत गिरने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जींद के सामान्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। एक अन्य महिला पर दीवार गिरने से वो चोटिल हो गई।
तूफान से छत गिरी, मरी हजारों मुर्गियां
गांव ढिगाणा में रामकरण की हैचरी में लाखों का नुकसान हो गया। आंधी से हैचरी की छत गिर गई। इसमें हजारों मुर्गियां दब कर मर गईं। हैचरी मालिक ने आंधी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है।
हैलिकॉप्टर को जुलाना में रुकना पड़ा
23 मई को हैलिकॉप्टर द्वारा जुलाना में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को खराब मौसम के कारण हैलिकॉप्टर को जुलाना में ही छोडना पड़ा। पूरी रात हैलिकॉप्टर को जुलाना के स्टेडियम में बने हैलीपैड पर ही गुजारनी पड़ी। हैलिकॉप्टर को मंगलवार को सुबह सात बजे गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया।
लोगों ने चंदे से बनाया हॉल, आंधी ने गिराया
निडाना गांव के लोगों ने आपस में चंदा कर खेल स्टेडियम में हॉल का निर्माण शुरू करवाया था, लेकिन आंधी में इसकी दीवारें ही गिर गई। खेल कमेटी के प्रधान अजमेर सिंह के अनुसार लोगों ने गांव और गुहांड से करीब दस लाख रुपये जुटाए थे। अब हॉल अंतिम चरण में था, लेकिन आंधी से यह गिर गया।
रेलवे लाइन पर पेड़ गिरने से घंटो रुकी रहीं ट्रेनें
आंधी से पेड़ टूटकर रेलवे लाइन पर गिर गए, जिससे रेलवे लाइन बाधित हो गई। जुलाना के रेलवे स्टेशन पर दिल्ली गंगानगर इंटरसिटी को आठ घंटे स्टेशन पर ही गुजारने पड़े जिससे सवारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेल की सवारियों की मदद के लिए स्थानीय निवासी आगे आए और सवारियों को भोजन का प्रबंध किया।
शामलो कलां गांव में गिरी स्कूल की दीवार
आंधी से घरों की छत तो उड़ी ही हैं साथ में कन्या स्कूल शामलो कलां गांव में स्कूल की दीवार भी जा गिरी। दीवार के पास कोई छात्र नहीं था, जिसके कारण हादसा टल गया। गौंसाई खेड़ा गांव में भी आंगनबाड़ी और स्कूल की दीवार गिर गई। रामकली गांव में शक्ति फार्म हाउस की छत उड़ गई और दीवार गिर गई। दीवार व छत से पशु बाल-बाल बच गए।
जुलाना सब डिवीजन में 600 पोलों के टूटने की रिपोर्ट आ चुकी है। आंधी के कारण काफी नुकसान हुआ है। सबसे पहले शहर की बिजली व्यवस्था ठीक करवाई जाएगी, इसके बाद गांव की। कर्मचारी पोलों को ठीक करने में लगे हुए हैं।
कृष्ण कुमार, एसडीओ सब डिवीजन जुलाना।
नुकसान होगा आंकलन, पानी के टैंकर तैयार
आंधी से व्यापक स्तर पर बिजली के पोल गिरे हैं, इसके चलते जिला भर में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को पेयजल की किल्लत नहीं हो, इसके लिए टैंकर की व्यवस्था है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था संभालने के आदेश दिए गए हैं। आंधी से जो भी नुकसान हुआ है, उसका आंकलन करवाया जाएगा।
विनय सिंह डीसी, जींद।