जींद। मच्छरजनित रोगों व गर्मी के मौसम में होने वाली डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने ने शहर की दर्जनभर कालोनियों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 22 बुखार से पीड़ित लोगों की जांच के लिए रक्त के नमूने भी लिए। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा की अगुआई में स्वास्थ्य कर्मियों ने निरोगी हरियाणा के तहत 65 से अधिक लोगों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की जांच की। जिन लोगों को मधुमेह सामान्य से ज्यादा पाया गया उनको समय पर ईलाज लेने की सलाह दी और खून से कमी वाले लोगों को आयरन की गोलियां नियमित रूप से लेने के लिए जागरूक किया।
इसके अलावा कर्मचारियों ने दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए पानी साफ करने वाली गोलिया, ओआरएस भी वितरित किए और पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाये। इसके अलावा जहां-जहां पानी की लीकेज मिली उसको ठीक करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को से पत्र लिखा गया।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि जिस तरह पिछले सालों में डेंगू के डंक ने लोगों को सताया था, उससे सावधान रहते हुए सभी लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरूकता व अपने घर व आस पास सफाई रखने से ही बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपने घर तथा आसपास की सफाई करते हुए गड्ढों, खाली पड़े टायरों व गमलो में गंदा पानी खडा न होने दे। पानी के बर्तनों को ढक कर रखे, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि यदि सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार, उल्टियां लगने, गर्मी लगने, शरीर मे कमजोरी आने पर मरीज को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास ले जाकर खून की जांच करवाने के उपरान्त ही ईलाज लेना चाहिए। इस अवसर पर जगदीप, दिनेश, गुरनाम, पवन कुमार, मनफूल, अमरजीत, राजरानी, सीता देवी, पूनम, दर्शना, अंजू, सुमन, राधा, उर्मिला, सविता, सोनिया मौजूद थी।