रामराय गांव में सैंपल लेते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
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जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय के कर्मचारियों ने सोमवार को गांव में जाकर फीवर सर्वे किया। उन्होंने बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई और घर-घर जाकर मलेरिया, डेंगू से बचाव के तरीके बताए।
सोमवार को स्वास्थ्य सुपरवाइजर जगदीश, प्रवीण कुमारी की अगुवाई में सुरेंद्र सिंह, कुलदीप, मीना, सुनीता, अंजू, जगवंती ने रामराय गांव में घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बुखार आने पर तुरंत रक्त की जांच करवानी चाहिए और उचित उपचार लेना चाहिए। अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित नहीं होने दें। पानी मे काला तेल डाल दें और अपने टंकी तथा कूलर के पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। डेंगू में बहुत तेज बुखार आता है और जोड़ों तथा मांसपेशियों में दर्द होता है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया एक ऐसा रोग है जो संक्रमित मादा एनाफलिज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर गंदे और दूषित पानी मे अपना जीवन चक्र पूरा करता है और इसमे कंपकंपी के साथ बुखार आता है। उन्होंने कहा कि हम छोटी-छोटी युक्तियां अपनाकर मलेरिया और डेंगू जैसे बुखार से बच सकते हैं। जैसे कि फ्रिज के पीछे लगी वेस्ट ट्रे और कूलर का पानी समप्ताह में एक बार जरूर बदलें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें, अपने आसपास पानी जमा न होने दें।