नागरिक अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में फैला पानी। संवाद।
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जींद। नागरिक अस्पताल में पांच वर्ष पहले 100 बेड के लिए नई बिल्डिंग का निर्माण करवाया गया था। बिल्डिंग का डिजाइन अस्पताल में आने वाले मरीजों, चिकित्सकों की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया था लेकरिन चार साल में ही यह बिल्डिंग पानी लीकेज की समस्या से जूझने लगी है। इसके चलते करोड़ों रुपये की बिल्डिंग धीरे-धीरे जर्जर हो रही है। दीवारों पर सीलन आ रही है।
सोमवार को भी सर्जिकल वार्ड में लीकेज के चलते पानी का रिसाव हो गया और पूरा वार्ड पानी-पानी हो गया। इस कारण स्टाफ व मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा नहीं है कि इस समस्या को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से अवगत न करवाया गया हो लेकिन आश्वासन के सिवाए कुछ हासिल नहीं हुआ। जिसके चलते समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में सर्जिकल वार्ड अहम वार्ड है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को यहां रखा जाता है। 15 अगस्त से सर्जिकल वार्ड के आसपास पानी लीकेज हो रहा है। इस कारण टंकी का सारा पानी वार्ड में आ जाता है और परेशानी का सबब बनता है। सोमवार को भी वार्ड में लीकेज पानी जमा हो गया और पूरा वार्ड में जगह-जगह पानी एकत्रित हो गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने पास मौजूद संसाधनों से पानी को रोकने का प्रयास भी किया लेकिन संभव नहीं हो सका। इससे वार्ड में आए मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग को दो बार पत्र लिखे व तीन बार मौखिक रूप से फोन कर अवगत करवाया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ सत्यवीर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया था और उनके पास एडिशनल चार्ज था। अब उनकी जगह दूसरे एसडीओ ने कार्यभार संभाल लिया है। समस्या का शीघ्रता से निदान करवाया जाएगा।
पानी लीकेज की समस्या को लेकर दो बार पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखे जा चुके हैं तथा फोन पर भी बातचीत की गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। पानी लीक होने से बिल्डिंग खराब हो रही है।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल।