24जेएनडी26-जलघर में पीने के पानी की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत ग्रामीण
अलेवा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वच्छ पेयजल को लेकर नगूरां और चांदपुर जलघर के अलावा गांव में पीने के पानी में क्लोरीन की जांच की। नगूरां जलघर और गांव की सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा उचित मानक के हिसाब से पाई गई।
चांदपुर गांव में पानी की सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा नहीं मिली। टीम ने स्वच्छ जल, स्वस्थ जीवन, क्लोरीन करण है, सही चयन नामक स्लोगनों से लोगों को जागरूक किया।
स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने कहा कि गंदे और दूषित पानी से दस्त, हैजा, टाइफाइड, पीलिया, पेचिश और पोलियो जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। क्लोरीनीकरण करने से पानी से हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्म जीवों को मारकर पीने के पानी का कीटाणु रहित करता है।
क्लोरीन पानी में मौजूद आयरन, मैगनीज और हाइड्रोजन सल्फाइड के ऑक्सीकरण में मदद करता है। इससे पानी का रंग और गंद बेहतर बन जाता है। इससे जलजनित बीमारियों को रोका जा सकता है। इस प्रक्रिया से उपचारित पानी उपभोक्ता के घर तक सुरक्षित पहुंचता है। जिससे यह पानी पीने योग्य हो जाता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मचारी कुलदीप सिंह, नरेंद्र कुमार, अमित, रामफल, दर्शन और इंद्र मौजूद रहे।