जींद। स्वास्थ्य विभाग में अब यदि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर राजनीतिक दबाव बनाकर अपना हित साधने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आशय का पत्र स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने सभी सिविल सर्जन व प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को जारी किया है। अब कर्मचारी या अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी पर राजनीतिक दबाव बनवाकर अपना हित नहीं साध सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने सभी सिविल सर्जन व प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि कुछ कर्मचारी या अधिकारी अपना हित साधने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डलवाते हैं। ऐसा करने से कर्मचारी आचरण नियमों का उल्लंघन होता है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान भी कम होता है। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी को अपने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत है तो वह स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवा सकता है।
राजनीतिक दबाव से अधिकारियों का सम्मान हो रहा कम
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कई बार तो अपने ऑफिस के चपरासी को धमकाने से भी डर लगने लगता है। कई बार कर्मचारियों को काम के प्रति लापरवाही बरतने पर धमकाया भी जा सकता है। ऐसे में कुछ कर्मचारियों की पहुंच राजनीतिक लोगों तक है। ऐसे में कई बार कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त भी करनी पड़ रही थी।
स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक का पत्र आया है। इस प्रकार के आदेशों से अधिकारियों का सम्मान भी बढ़ेगा। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी को अपने वरिष्ठ अधिकारी से कोई शिकायत है तो वह स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को अपनी शिकायत भेज सकता है। राजनीतिक दबाव से कार्य बाधित होते हैं। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।