जींद। दो दिन से सुबह के समय कड़ाके की ठंड और फिर दोपहर बाद कुछ समय के लिए धूप निकलने से मौसम परिवर्तनशील हो रहा है। ऐसे में लोग अब ठंड की चपेट में आने लगे हैं। दिन में अच्छी धूप खिलती है तो आस जगती है कि अगले दिन सुबह ही अच्छी धूप निकलेगी, लेकिन हो इसके विपरीत रहा है। शाम होते-होते फिर शीतलहर चल पड़ती है। बुधवार सुबह कड़ाके की ठंड पड़ी तो दोपहर बाद पौने दो बजे धूप निकली। इससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री रहा तो न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रतिघंटा रही तो आर्द्रता 79 प्रतिशत बनी रही।
इस समय पड़ रही कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए अच्छी मानी जा रही है। अगर अब बारिश होती है तो यह फसल के लिए सोने पर सुहागा होगी। वहीं अगर मौसम ऐसा ही रहा और सूर्य के प्रतिदिन दर्शन नहीं हुए तो गेहूं पीला पड़ सकता है। सर्दी बढ़ने के साथ ही इस समय ओपीडी में बुखार, सर्दी, जुखाम, कोल्ड, वायरल, खांसी, सांस लेने में दिक्कत के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन ओपीडी में इन मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बुजुर्गों व बच्चों की होती है, जिन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। वहीं छोटे-छोटे बच्चे बुखार व सर्दी, खांसी से पीड़ित होकर उपचार के लिए आते हैं। डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि जिस तरह से इस समय मौसम प्रतिदिन करवट ले रहा है, वो बीमारियों के अनुकूल है। ऐसे में स्पेशल देखभाल की जरूरत है।
खेतों में शाम के समय ही सिंचाई करें : डाॅ. राजेश
पांडु पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश ने कहा कि मौसम परिवर्तनशील तथा शुष्क बना हुआ है। अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है। किसान खेतों का प्रतिदिन दौरा करते रहें। फसलों में किसान जरूरत के हिसाब से खाद डालें और शाम को सिंचाई अवश्य करें, ताकि फसलों पर ठंड का प्रभाव न पड़े।