जींद। कर्मचारियों की मांगों को लेकर बुधवार को रोडवेज चालकों और परिचालकों ने बसों का चक्का जाम रखा। इसके चलते रोडवेज की सभी बसें नहीं चलाई जा सकीं। डिपो और सब डिपो से 30 के करीब बसों को रूट पर रवाना किया जा सका। डिपो प्रबंधन का दावा है कि हड़ताल के बाद भी डिपो से 65-70 बसों को चलाया गया है। हालांकि कुछ रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवहन समिति की बसों ने यात्रियों को राहत दिलाई और वह लंबे तथा लोकल रूटों पर भी सहारा बनीं। कुछ रूटों पर बिना परमिट के परिवहन समिति की बसों ने सवारियां भरीं।
बुधवार को रोडवेेज बसों ने चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, हिसार, लुधियाना जैसे लंबे रूट पर रवाना हुईं, लेकिन पानीपत, कुरुक्षेत्र, नारनौल जैसे रूट पर नाममात्र ही चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोडवेज साझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज यूनियनों ने बुधवार को चक्का जाम का एलाने किया था। इसको लेकर रोडवेजकर्मी बुधवार सुबह चार बजे ही बस अड्डे पर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने मांगों को लेकर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी बस स्टैंड परिसर में तैनात रही। पुलिस कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों से शांतिपूर्वक हड़ताल करने का आह्वान किया। बुधवार को सुबह चार बजकर 47 मिनट पर चंडीगढ़ के लिए पहली बस चली जबकि आम दिनों में चंडीगढ़ के लिए पहली बस सुबह चार बजकर 20 मिनट पर चलती है। इसके बाद सुबह पांच बजकर दस मिनट पर चंडीगढ़, पांच बजकर 55 मिनट पर हिसार, सुबह छह बजकर 33 मिनट पर चंडीगढ़ व सुबह साढ़े सात बजे कैथल व हिसार के लिए किलोमीटर स्कीम की बसें भेजी गईं।
सुबह के समय हड़ताल का दिखा असर
बुधवार को रोडवेजकर्मियों की हड़ताल के कारण अलसुबह लंबे रूटों पर चलने वाली 30 से अधिक बसें अपने गंतव्य के लिए नहीं रवाना हो पाईं। सुबह चार बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़, सुबह चार बजकर 40 मिनट पर रोहतक, चार बजकर 50 मिनट पर गुरुग्राम, पांच बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़, पांच बजकर दस मिनट दिल्ली, पांच बजकर दस मिनट रोहतक, पांच बजकर 20 मिनट चंडीगढ़, सुबह साढ़े पांच बजे गुरुग्राम, सुबह साढ़े पांच बजे पटियाला, पांच बजकर 25 मिनट श्रीगंगानगर, साढ़े पांच बजे भिवानी, पांच 40 मिनट पर पौंटासाहिब, पांच बजकर 40 मिनट पर दिल्ली, पांच बजकर 50 मिनट पर हरिद्वार, छह बजे डबवाली, छह बजकर 20 मिनट दिल्ली, छह बजकर 20 मिनट पर हरिद्वार, छह बजकर 37 मिनट पर पानीपत, साढ़े सात यमुनानगर, सवा सात बजे सालासर, सात बजकर 20 मिनट चंडीगढ़, सुबह सात बजकर 50 मिनट गुरुग्राम, सात बजकर 54 मिनट हरिद्वार, आठ बजकर 30 मिनट हिसार, सात बजकर 50 मिनट चंडीगढ़, आठ बजे पटियाला, आठ बजकर 20 मिनट पर लुधियाना, नौ बजकर 25 मिनट हरिद्वार, दस बजकर 40 मिनट पर भिवानी 11 बजकर 40 मिनट पर गुरुग्राम, 11 बजकर 20 मिनट पर पटियाला, नौ बजकर 20 मिनट पर अमृतसर, सुबह 11 बजे जयपुर, 12 बजे मथुरा, 12 बजकर 40 मिनट पर गुरुग्राम जाने वाली बस अपने गंतव्य पर नहीं पहुंची।
पानीपत के लिए नहीं मिली बस
आज उसे बेटी से मिलने के लिए पानीपत जाना था। उसे पता नहीं था कि आज रोडवेज बसों की हड़ताल है। वह एक घंटे से बस के इंतजार में खड़ा है। -दीनानाथ, यात्री
बस नहीं मिलने से हुई परेशानी
उसे किसी कार्य से पानीपत जाना था, लेकिन काफी समय से बस नहीं मिल रही। प्राइवेट बस भी काफी देर के बाद बूथ पर लग रही है, जिससे भीड़ के चलते बस में सवार होना पड़ा। -रिजवान, यात्री
कर्मचारियों की मांगों पर गंभीर नहीं सरकार
रोडवेज यूनियनों के कर्मचारी नेता संदीप रंगा, आजाद गिल, देवेंद्र घोड़ेला, सज्जन रेढू का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार गंभीर नहीं है। न्याय संहिता बिल को रद्द करने समेत 30 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर 24 दिसंबर को रोडवेज कर्मचारियों ने करनाल में मुख्यमंत्री कैंप का घेराव किया गया था तो उस समय 10 जनवरी से पहले साझा मोर्चा के साथ बैठक करवाने का आश्वासन मिला था, लेकिन सरकार ने उनके साथ बैठक नहीं की। उनकी मांग है कि न्याय संहिता बिल रद्द किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, चालक-परिचालक वेतन विसंगति को दूर किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, 2016 में लगे चालकों को पक्का किया जाए। कर्मचारियों को अर्जित अवकाश दिया जाए।
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते डिपो की 70 बसें रूटों पर रवाना हुईं। लंबे रूटों पर रोडवेज बसों का कम आवागमन रहा, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई। -कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।
24जेएनडी10-हड़ताल के चलते सवार होने के लिए बस के पीछे भाग रहे यात्री। संवाद
24जेएनडी10-हड़ताल के चलते सवार होने के लिए बस के पीछे भाग रहे यात्री। संवाद
24जेएनडी10-हड़ताल के चलते सवार होने के लिए बस के पीछे भाग रहे यात्री। संवाद